सामने आया सेक्शुअल बीमारी का सबसे गंभीर मामला

एक ब्रितानी पुरुष यौन बीमारी सुपर गोनोरिया (सूजाक) के सबसे गंभीर मामले के शिकार हो गए हैं.

इस पुरुष की ब्रिटेन में एक नियमित साथी हैं लेकिन उन्होंने दक्षिण-पूर्व एशिया यात्रा के दौरान एक महिला से सेक्स संबंध बना लिए थे जिससे उन्हें ये बीमारी हो गई.

पब्लिक हेल्थ इंग्लैंड का कहना है कि ये पहला मामला है जिसे एंटीबॉयोटिक्स से ठीक नहीं किया जा सकता है.

स्वास्थ्यकर्मी अब इस पुरुष की किसी और संभावित सेक्स पार्टनर की तलाश कर रहे हैं ताकि इस बीमारी के संक्रमण को फैलने से रोका जा सके.

इस पुरुष को ये संक्रमण इसी साल हुआ है.

अभी तक दिया गया एंटीबॉयोटिक इलाज बीमारी को ठीक करने में नाकाम साबित हुआ है.

पब्लिक हेल्थ इंग्लैंड से जुड़े डॉ. ग्वेंडा हग्स कहते हैं, "ये पहला मामला है जिसमें आम तौर पर इस्तेमाल किए जाने वाले एंटीबॉयोटिक नाकाम साबित हो रहे हैं."

विश्व स्वास्थ्य संगठन और यूरोपीय सेंटर फॉर डिसीज़ कंट्रोल का मानना है कि ये दुनिया में अपनी तरह का पहला मामला है.

क्या हैं गोनोरिया के लक्षण

ये बीमारी नीस्सीरिया गोनोरिया नाम के एक बेक्टीरिया से होती है.

ये संक्रमण असुसरक्षित यौन संबंधों, ओरल सेक्स और अप्राकृतिक सेक्स से फैलता है.

जिन लोगों को ये संक्रमण होता है उनमें से हर दस में से एक हेट्रोसेक्सुअल पुरुष, तीन-चौथाई से अधिक महिलाओं, समलैंगिक पुरुषों में इसके लक्षण दिखाई नहीं देते हैं.

इसके लक्षणों में यौन अंगों से गहरे हरे रंग के द्रव्य का निकलना, पेशाब करने के दौरान दर्द होना और महिलाओं में माहवारी के दो अंतरालों के बीच रक्तस्राव होना शामिल है.

यदि इस संक्रमण का इलाज नहीं किया जाए तो ये बांझ बना सकता है, यौन अंग में सूजन और जलन हो सकती है और गर्भावस्था के दौरान ये बीमारी बच्चे में भी पहुंच सकती है.

सुपरबग न बन जाए...

जिस पुरुष में गोनोरिया का ये बेहद गंभीर मामला देखा गया है उसके विश्लेषण से पता चला है कि एक एंटीबॉयोटिक उस पर काम कर सकता है.

फिलहाल पुरुष का इलाज चल रहा है और अगले महीने पता चल सकेगा कि इलाज कामयाब रहा या नहीं.

अब तक इस तरह का कोई और मामला सामने नहीं आया है. पीड़ित पुरुष की ब्रितानी सेक्स पार्टनर को भी ये बीमारी नहीं है. हालांकि स्वास्थ्य विभाग की जांच चल रही है.

डॉ. हग्स कहते हैं, "हम इस मामले को गंभीरता से देख रहे हैं ताकि संक्रमण का प्रभावी तरीके से इलाज हो सके और इसे और लोगों में फैलने से रोका जा सके."

डॉक्टर लंबे समय से चेतावनी दे रहे थे कि ऐसे गंभीर मामले भी सामने आ सकते हैं. ये डर ज़ाहिर किया जा रहा है कि हो सकता है कि ये संक्रमण सुपरबग बन जाए और इस पर एंटीबॉयोटिक प्रभावी ही न रहे.

ब्रिटिश एसोसिएशन ऑफ़ सेक्सुअल हेल्थ एंड एचआईवी के अध्यक्ष डॉक्टर ओलवेन विलियम्स कहते हैं, "एंटीबॉयोटिक को प्रभावहीन साबित करने वाला गोनोरिया का ये मामला चिंता का विषय है."

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