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स्पर्म के बारे में ये 9 बातें आपको शायद ही पता हों
स्पर्म के बारे में आप ये नौ बातें शायद ही जानते होंगे. स्पर्म बैंक पर बीबीसी की डॉक्युमेंट्री के आधार पर हम आपको 9 आंख खोलने वाले तथ्यों से रूबरू करा रहे हैं.
सभी विजेता नहीं होते...
- एक आदमी का केवल आधा स्पर्म ही सीधी लाइन में तैरता है. यहां स्पर्म तैरने का मतलब उसकी सक्रियता से है. कुछ स्पर्म सर्कल के चारों तरफ़ तैरते हैं या फिर वीर्य के प्रवाह के साथ अलग हो जाते हैं. ज़ाहिर है ये कभी रुकते नहीं हैं और न ही दिशा पूछते हैं.
कॉस्मेटिक से सावधान
- हाल के शोधों के मुताबिक स्पर्म पर सन क्रीम और कॉस्मेटिक्स का बुरा असर पड़ता है. हालांकि इससे सभी वैज्ञानिक सहमत नहीं हैं.
यूरेका!
- एक डच माइक्रोस्कोप निर्माता ने 1677 में पहली बार स्पर्म की खोज की थी. यह नहीं पता है कि उन्होंने क्या करने के लिए इसकी खोज की थी, लेकिन यह चकित करने वाला था.
गुणवत्ता ही मात्रा नहीं है
- औसत स्पर्म सैंपल 30 लाख होता है जो कि टी-स्पून का दो तिहाई होता है.
व्यस्त पर कुछ हो नहीं रहा
- सामान्य तौर पर पुरुष एक सेकंड में 1500 स्पर्म सेल पैदा करते हैं.
6 मिल लंबी लाइन
- अगर एक बार के स्खलन में आपके पूरे जीवन का सारा स्पर्म निकल जाए तो इसे मिलाने पर इसकी लंबाई छह मील तक हो सकती है.
हॉट का जलवा स्पर्म में नहीं
- गर्म के कारण स्पर्म की सक्रियता कम होती है. शरीर के बाकी हिस्सों की तुलना में स्पर्म सात डिग्री फ़ारेनहाइट कूलिंग में रहता है. ऐसे में आपको इस बात का ख़्याल रखना चाहिए. आप बॉक्सर पहना कीजिए और लैपटॉप को अपनी गोद में रखने से बचिए.
सारे काम के नहीं
- स्खलन में 90 फ़ीसदी स्पर्म विकृत होते हैं.
लाखों में एक
- वास्तव में लाखों में एक स्पर्म महिला के अंडाणु से प्रजनन करता है.
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