डायनासोर का जीवाश्म, जो मूर्ति की तरह दिखता है

कनाडा में एक डायनासोर का लगभग 11 करोड़ साल पुराना जीवाश्म अब लोगों के देखने के लिए उपलब्ध है.

'नोडोसॉरस' डायनासोर का यह जीवाश्म 2011 में मिला था और इसने वैज्ञानिकों को चकित कर दिया था.

संरक्षण के लिहाज़ से यह अच्छी स्थिति में है. करोड़ों बरसों से कीचड़ में डूबे रहने से यह एक मूर्ति की तरह लगता है.

नोडोसॉरस एक शाकाहारी डायनासोर है जो अपनी पीठ पर कवच के लिए जाना जाता है.

वैज्ञानिकों को नहीं, एक मशीन ऑपरेटर को मिला जीवाश्म

यह जीवाश्म पश्चिमी कनाडा में 2011 में मिला था, लेकिन अब पहली बार यह लोगों के सामने आया है. इसकी तस्वीरें 'नेशनल ज्योग्राफिक' पत्रिका के जून के अंक में छपी हैं.

यह जीवाश्म संयोग से मिला. मशीन ऑपरेटर शॉन फंक अल्बर्टा प्रांत के फोर्ट मैक्मरे इलाके की एक खान में काम कर रहे थे. उन्हें अंदाज़ा नहीं था कि वह अपनी आंखों से सदियों से दबे एक 'ड्रैगन' को देखने जा रहे हैं.

हालांकि शॉन फंक जीवाश्मों के संबंध में नौसिखिया नहीं थे. 12 साल के अनुभव में वह पेड़ पौधों के कई जीवाश्म देख चुके थे.

लेकिन यह एक डायनासोर था.

फंक ने पत्रिका को बताया, 'हमने पहले कभी ऐसा नहीं देखा था.'

'लॉटरी जीतने की तरह है यह खोज'

शोधकर्ताओं का मानना है कि इस डायनासोर के पूरे शरीर का जीवाश्म रहा होगा, लेकिन 2011 में इसका आधा हिस्सा ही मिला. यह उसके थूथन से लेकर पुट्ठे तक की लंबाई का है. इस डायनासोर की लंबाई 5.5 मीटर और वज़न 1.3 टन थी.

चौंकाने वाली बात ये है कि यह जीवाश्म कहीं से टूटा-बिखरा नहीं था. नेशनल ज्योग्राफिक के मुताबिक, 'यह अब तक का सर्वश्रेष्ठ नोडोसॉरस जीवाश्म है.'

अल्बर्टा के रॉयल टिरेल म्यूज़ियम में विशेषज्ञ इसकी जांच कर रहे हैं. शोधकर्ता कैलब ब्राउन ने कहा, 'यह वैसा ही है, जैसा यह डायनासोर रहा होगा.'

आम तौर पर डायनासोरों के जीवाश्मों में हड्डियां और दांत ही मिलते हैं, सॉफ्ट टिशू नहीं होते. इस लिहाज़ से यह खोज इतनी दुर्लभ है कि वैज्ञानिक इसे 'लॉटरी जीतने की तरह' मानते हैं.

ब्रिटेन की यूनिवर्सिटी ऑफ ब्रिस्टल के वैज्ञानिक जैकब विंथर कहते हैं, 'हो सकता है कि दो हफ़्ते पहले वह वहां चल-फिर रहा हो. मैंने ऐसा कभी कुछ पहले नहीं देखा.'

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)