You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
मगरमच्छ की तरह चलते थे डायनासोर
- Author, पॉल रिंकन
- पदनाम, विज्ञान संपादक, बीबीसी न्यूज़ वेबसाइट
डायनासोर के शुरुआती पूर्वजों की कुछ विशेषताएं आज के घड़ियाल या मगरमच्छ से मिलते-जुलते थे.
एक शोध में यह बात कही गई है.
यह शोध मशहूर विज्ञान पत्रिका नेचर में छपा है.
कई जीवाश्म वैज्ञानिकों ने इस पर अचरज जताया है कि डाइनासोर के पूर्वज ऐसे दिखते थे.
इनमें से कुछ का मानना है कि वे दो पैरों पर चलते थे. वे कुछ-कुछ छोटे डायनासोर की तरह दिखते थे. लेकिन नए शोध में जिस तरह के डायनासोर की बात कही गई है वो चार पैरों पर चलने वाले थे.
सात से दस फ़ीट लंबा यह मांसाहारी जानवर दक्षिणी तंजानिया में आज से 24.5 करोड़ साल पहले लुप्त हो गया था. यह शुरुआती डायनोसोर थे.
लंदन के नेचुरल हिस्ट्री म्यूजियम के प्रोफेसर पॉल बैरेट का कहना है, "यह छोटे आकार के डायनासोर थे. इन्हें हम टेलियोक्रेटर कहते हैं. यह ज्यादा बड़े नहीं थे. बमुश्किल इनका वजन एक औसत कुत्ते के बराबर हो सकता है."
पॉल बैरेट इस नए शोध पत्र के सह लेखक हैं.
उन्होंने बीबीसी रेडियो 5 लाइव से कहा, "यह कोमोडो ड्रैगन के थोड़े बड़े स्वरूप जैसा दिखता था. यह एक पतला और कमजोर जानवर था ना कि मगरमच्छ जैसा मजबूत और खूंखार."
डायनासोर की इस प्रजाति से जुड़े जीवाश्म पहली बार 1933 में तंजानिया में खोजे गए थे.
1950 के दशक में लंदन के नेचुरल हिस्ट्री म्यूजियम में इन जीवाश्म पर अध्ययन किया गया. लेकिन जीवाश्म के इन प्रारूपों में एड़ी जैसा महत्वपूर्ण हिस्सा गायब दिखा.
इसलिए उस समय वैज्ञानिक यह नहीं बता सके कि मगरमच्छ या घड़ियालों के साथ इनका नज़दीकी रिश्ता है.
तंजानिया में साल 2015 में नया जीवाश्म मिला था. जिसके अध्ययन से यह बात सामने आई है कि ये डायनासोर घड़ियाल की तरह चलते थे.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)