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विकिपीडिया के सामने चीनी एन्साइक्लोपीडिया
चीन अगले साल अपने राष्ट्रीय एन्साइक्लोपीडिया को इंटरनेट पर लाएगा जो विकिपीडिया को चुनौती देगा.
अधिकारियों का कहना है कि इस योजना पर अमल करने के लिए 20,000 लोगों को नियुक्त किया गया है. इसमें तीन लाख पन्ने होंगे जिनमें से हर पन्ने पर कम से कम हज़ार शब्द होंगे.
सरकारी विश्वविद्यालयों से चुने हुए शिक्षक इस एन्साइक्लोपीडिया को बनाने में मदद करेंगे. जबकि विकिपीडिया में कोई भी व्यक्ति किसी जानकारी के बारे में लिख सकता है.
चीन में विकिपीडिया उपलब्ध तो है लेकिन इसके कुछ पन्नों पर पाबंदी है.
इस योजना के मुख्य संपादक यांग मुझी ने इसके बारे में अप्रैल में कहा था, "ये कोई किताब नहीं होगा ये संस्कृति की एक बड़ी दीवार होगी." यांग मुझी बुक्स एंड पेरियोडिकल्स डिस्ट्रीब्यूशन एसोसिएशन ऑफ चाइना के अध्यक्ष हैं.
यांग मानते हैं कि ये विकिपीडिया का प्रतिद्वंदी होगा और चीन पर 'जनता और समाज' के लिए खुद का एक प्लैटफॉर्म बनाने के लिए अंतरराष्ट्रीय दवाब है.
शिक्षकों की मदद से 1993 में पहली बार किताब की शक्ल में चीन का एन्साइक्लोपीडिया छापा गया था. फिर इसे 2012 में दोबारा छापा गया.
आलोचकों का कहना है कि सरकार समर्थित होने के कारण इसमें राजनीतिक वजहों से कई बातों का या तो ज़िक्र नहीं किया गया या उन्हें तोड़मरोड़ कर पेश किया गया.
ऑनलाइन एन्साइक्लोपीडिया बनाने की योजना को 2011 में ही मंज़ूरी मिल गई थी लेकिन इस पर काम अभी शुरू हो पाया है.
ये ऑनलाइन एन्साइक्लोपीडिया बाइडू, कीहू 360 और दुनिया की सबसे बड़ी एन्साइक्लोपीडिया विकिपीडिया समेत कई ऐसी कंपनियों को सीधे तौर पर चुनौती देगा जिन्होंने ऑनलाइन एन्साइक्लोपीडिया लॉन्च किए हैं.
मेनलैंड चाइना में यूज़र विकिपीडिया देख पाते हैं लेकिन दलाई लामा और राष्ट्रपति शी जिनपिंग से संबंधित खोज पर पाबंदी है.
ऑक्सफोर्ड रिसर्च इंस्टीट्यूट में शोध कर रहे छात्र ताहा यासेरी ने बीबीसी को बताया, "चीन में जानकारी की ज़रूरत लोगों को एंटी-फिल्टरिंग टूल के इस्तेमाल के ज़रिए भी विकिपीडिया पर खींच लाती है, और इसे एक तानाशाही देश के लिए सही नहीं माना जाता."
वो कहते हैं, "इस योजना से लोग अधिक से अधिक सरकार समर्थित बातों के बारे में पढ़ेंगे."
उनके साथ काम करने वाले जॉस राइट मानते हैं कि इसके ज़रिए लोगों को "एक ख़ास चीनी अनुभव मिलेगा जिसे वो पसंद करेंगे."
बीते साल मेनलैंड चाइना के एक अख़बार में यांग ने कहा था कि चीन में विकिपीडिया को लोग "पसंद करते हैं".
उन्होंने कहा था, "हमारे पास दुनिया की सबसे बड़ी और बेहतक संपादकों की टीम है. हमारा लक्ष्य विकिपीडिया के साथ मुकाबला करना नहीं उससे आगे बढ़ना है."
बीते हफ्ते तुर्की ने विकिपीडिया पर पाबंदी लगा दी थी. इससे पहले भी में तुर्की ट्विटर, फ़ेसबुक और यू-ट्यब पर सरकारी बैन लगाया गया है.
साल 2014 में रूस ने भी विकिपीडिया का एक अलग वर्ज़न बनाने की बात कही थी ताकि वो देश के बारे में जो जानकारी विकिपीडिया पर उपलब्ध है उससे बेहतर और अधिक जानकारी दे सके.
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