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जब आईफोन का पहला मॉडल हो गया था गुम
स्टीव जॉब्स ने उनसे ख़ासतौर पर कहा था कि ये बात एकदम गुप्त है और जिसने भी किसी को बताया उसकी नौकरी चली जाएगी, लेकिन टोनी फैडेल क्या करते, उनसे आईफ़ोन का प्रोटोटाइप गुम हो गया था.
टोनी फैडेल वो वाकया बताते हैं जब एप्पल पहला आईफ़ोन लांच करने की तैयारी कर रहा था.
आईफ़ोन को लांच हुए सोमवार को 10 साल हो गए हैं.
टोनी फैडेल हवाई यात्रा कर रहे थे लेकिन जब विमान से उतरकर उन्होंने जेब में हाथ डाला तो उनके होश उड़ गए. फ़ोन का प्रोटोटाइप ग़ायब था.
टोनी सोच रहे थे कि वो स्टीव को क्या जवाब देंगे, हालांकि तब ये नहीं मालूम था कि आईफ़ोन इतना कामयाब प्रोडक्ट हो जाएगा.
टोनी फैडेल को आईपॉड का गॉडफ़ादर कहते हैं और उन्हें ही ये आइडिया सूझा था कि आईपॉड को और बेहतर बनाया जा सकता है.
तबतक आईपॉड में वीडियो देखा जा सकता था और उसमें गेम्स भी शामिल हो गए थे.
ये वो समय था जब माइक्रोसॉफ़्ट जैसी कंपनियां पर्सनल कंप्यूटर को फ़ोन में समाने की कोशिश कर रहे थे. एप्पल की कोशिश थी कि वो आईपॉड में और बेहतरी लाकर उसे फ़ोन की शक्ल दे.
बहरहाल, टोनी की जेब से जो प्रोटोटाइप गिर गया था वो प्लेन की दो सीटों के बीच से मिला. टोनी वहीं बैठे थे.
एप्पल उसी वक़्त एक मैकिनटॉश कंप्यूटर पर काम कर रहा था. तब उस कंप्यूटर का साइज़ पिंग पॉंग के टेबल जितना था.
स्टीव ने टोनी से कहा कि वो चाहते हैं कि ये टच स्क्रीन आईपॉड पर आ जाए.
टोनी कहते हैं कि इसके लिए सैकड़ो लोग चाहिए थे लेकिन आख़िरकार हम वो करने में कामयाब रहे.
एप्पल के पास बेहतरीन लोग थे लेकिन फ़ोन बनाने का हुनर तबतक उनके पास नहीं था इसलिए टोनी ने दुनिया के बेहतरीन एक्सपर्ट से मिलने की सोची.
लेकिन स्वीडन के एक रेस्तरां से जब वो किसी दूसरी टीम के साथ रात का भोजन करके वापस आए तो पाया कि उनका सारा सामान ग़ायब हो चुका था.
वो कहते हैं कि हम जानते थे कि ये किसी प्रतिदंवदी कंपनी ने करवाया था.
साथ ही इस बात पर भी बहस शुरु हो गई थी कि फ़ोन में कीबोर्ड रखा जाए या नहीं. इसको लेकर टीम के भीतर भारी तनाव पैदा हो गया.
स्टीव चाहते थे कि आईफ़ोन मे टचस्क्रीन रहे, लेकिन बाक़ी टीम इसके ख़िलाफ़ थी, आखिरकार एक दिन झल्लाहट में स्टीव जॉब्स ने साफ़ कहा जो टचस्क्रीन के ख़िलाफ़ हैं वो टीम से बाहर चले जाएं.
स्टाइलस पर भी मतभेद थे, हालांकि टीम इसपर स्टीव से छुपकर काम करती रही.
जब आईफ़ोन को स्टीव ने 9 जनवरी 2007 में लोगों के सामने पेश किया तो उसकी बड़ी हंसी उड़ाई गई और उसे कुछ लोगों ने इसे 'ईसा मसीह' तक का फ़ोन कह डाला.
लेकिन उस दिन से लेकर नौ जनवरी 2017 तक एक अरब आईफ़ोन की बिक्री हो चुकी है और एप्पल दुनिया की सबसे अमीर कंपनियों में से एक बन चुकी है.
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