बच्चों को मूंगफली खिलाएं, एलर्जी भगाएं

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- Author, जेम्स गैलहर
- पदनाम, हेल्थ और साइंस रिपोर्टर, बीबीसी न्यूज़ वेबसाइट
बच्चों को एलर्जी से बचाना है तो उन्हें मूंगफली खिलाइए. चार महीने की उम्र से बच्चों को मूंगफली खिलाया जाना चाहिए. ऐसा करने से बच्चे एलर्जी की चपेट में नहीं आते हैं. यह बात अमरीका में हुई नई स्टडी से सामने आई है.
स्टडी से पता चलता है कि बच्चों में एलर्जी की आशंका को मूंगफली 80 फ़ीसदी कम देती है. 'द नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ एलर्जी ऐंड इन्फेक्शियस डिजीज' का कहना है कि यह महत्वपूर्ण खोज है.
हालांकि बच्चों को मूंगफली का पूरा दाना नहीं खाना चाहिए क्योंकि फंसने की आशंका रहती है. अमरीका में एलर्जी का दायरा लगातार बढ़ रहा है. 2008 के मुक़ाबले इसका दायरा चार गुना ज़्यादा बढ़ गया है.

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एलर्जी बढ़ने का यह पैटर्न पश्चिम के देशों के साथ एशिया और अफ़्रीका में भी समान रूप से है. बच्चों को मूंगफली खिलाने को लेकर मां-बाप सावधान रहते हैं. अब तक कहा जाता था कि बच्चों को तीन साल के बाद ही मूंगफली खिलानी चाहिए.
नई स्टडी कहती है:
- अन्य तरह की एलर्जी और गंभीर एक्ज़िमा वाले बच्चों को मेडिकल निगरानी में मूंगफली युक्त खाद्य सामग्री देनी चाहिए.
- हल्के एक्ज़िमा वाले बच्चों को भी मूंगफली युक्त खाद्य सामग्री देनी चाहिए.
- जिन्हें न कोई एक्ज़िमा है और न कोई एलर्जी उन बच्चों को भी मूंगफली युक्त चीज़ें खाने के लिए दे सकते हैं.
नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ एलर्जी ऐंड इन्फेक्शियस डिजीज के निदेशक डॉ एन्टनी फाउसी ने कहा, ''हमलोग उम्मीद करते हैं कि इन निर्देशों का बड़े पैमाने पर पालन किया गया तो एलर्जी को फैलने से रोक सकते हैं. ख़ासकर अमरीका में एलर्जी के बढ़ते दायरे को काबू में किया जा सकता है.''

यूरोपीयन एकेडमी ऑफ़ एलर्जी ऐंड क्लिनिकल इम्युनॉलजी के एक सदस्य माइकल वॉल्कर ने कहा कि ये गाइडलाइन्स मेडिकल रिसर्च पर आधारित हैं और इसे ब्रिटेन में भी अपनाया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि ब्रिटेन में भी माता-पिता को इसे आजमाना चाहिए.
इम्पीरिअल कॉलेज लंदन के प्रो अलान बूबीज ने कहा, ''पहले माना जाता था कि एलर्जी कम करने वाली खाद्य सामग्रियों को बच्चों को देर से देना चाहिए, लेकिन अब यह ग़लत साबित हो गया है.
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