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दक्षिणी ध्रुव का वो अनजान कोना
वैज्ञानिक अब पृथ्वी के दक्षिणी ध्रुव पर उस आख़िरी स्थान तक पहुंच गए हैं जिसके बारे में इससे पहले जानकारी नहीं थी.
हालांकि दक्षिणी ध्रुव पर अमरीका का ठिकाना दशकों से बना हुआ है.
यूरोपीय वैज्ञानिकों ने जब दक्षिणी ध्रुव पर बर्फ की मोटी परत को टटोला तब उन्हें इस आख़िरी जगह का पता चला.
यूरोपीय वैज्ञानिकों के दल का कहना है कि उन्हें दक्षिणी ध्रुव पर नई घाटियों और पवर्तों का भी पता चला है जिससे उन्हें काफी अहम जानकारी मिली है.
पोलरगैप नामक इस प्रोजेक्ट को यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ईएसए) ने आर्थिक मदद मुहैया कराई थी.
इस जानकारी को हासिल करने के लिए पोलरगैप की टीम ने उपकरणों से सुसज्जित एक छोटे विमान के ज़रिए ध्रुवीय सतह के ऊपर उड़ान भरी.
विमान में लगे रडार की मदद से बर्फ की परतों और उनकी मोटाई का पता चला. इससे ये भी पता चला कि परतों की भीतर कहीं-कहीं पानी भी बह रहा है.
इस शोध के ज़रिए जुटाए गए आंकड़ों का अभी विश्लेषण जारी है.
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