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ई-सिगरेट भी लगाती है जिगर में आग
कहां एक तरफ कुछ दिनों पहले तक ई-सिगरेट को सिगरेट के विकल्प के तौर पर पेश किया जा रहा था और इसे कम नुक़सानदायक बताया जा रहा था.
लेकिन अब ई-सिगरेट पर स्वास्थ्य को नुक़सान पहुंचाने को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं.
अमरीका के मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी सर्जन जनरल विवेक मूर्ति ने बच्चों के लिए ई-सिगरेट को 'स्वास्थ्य के लिए बड़ा ख़तरा' बताया है.
गुरुवार को जारी की गई रिपोर्ट में डॉक्टर विवेक मूर्ति ने ई-सिगरेट को लेकर नए क़ायदे-क़ानून और टैक्स नियमों का जिक्र किया है.
उनकी रिपोर्ट में यह तो माना गया है कि ई-सिगरेट कम हानिकारक है लेकिन साथ ही साथ रिपोर्ट में चिंता जताई गई है कि इससे बच्चों के शरीर के अंदर निकोटिन जाने का जोखिम है.
देखिए- ई-सिगरेट से फायदा या नुकसान?
ई-सिगरेट में मौजूद लिक्विड निकोटिन जल कर भाप बन जाता है और वाकई में होता यह है कि इसे पीने वाले भाप के रूप में निकोटिन को लेते हैं.
इसकी वजह से कुछ स्वास्थ्य विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर निकोटिन लेना ही है तो फिर ई-सिगरेट का क्या फ़ायदा हुआ.
लेकिन कुछ इसे सिगरेट छोड़ने के एक उपाय के तौर पर देखते हैं.
डॉक्टर विवेक मूर्ति की रिपोर्ट में कहा गया है कि इस बात के पर्याप्त प्रमाण नहीं हैं कि ई-सिगरेट पीने वाले सिगरेट छोड़ देते हैं. ई-सिगरेट पीने वाले नौजवान दूसरे तंबाकू उत्पादों का भी सेवन करते पाए गए हैं.
डॉक्टर विवेक मूर्ति का कहना है कि निकोटिन के सेवन से नौजवानों में मूड डिसऑर्डर होना, ध्यान भटकने की समस्या और निकोटिन की लत की बीमारी होती है. इसकी वजह से वे सिगरेट पीने लगते हैं.
ये रिपोर्ट तब आई है जब दूसरी ओर सिगरेट बनाने वाली कई कंपनियां ई-सिगरेट के निर्माण में अपना भविष्य तलाश रही हैं.
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