You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
स्मार्टफोन के बिना कैशलेस पेमेंट सस्ता हुआ
फीचर फ़ोन इस्तेमाल करने वाले वैसे लोग जो मोबाइल बैंकिंग चाहते हैं उनके लिए बहुत बढ़िया खबर है.
टेलीकॉम क्षेत्र के नियामक ट्राई ने मोबाइल बैंकिंग के लिए भेजे जाने वाले एसएमएस की दर घटा दी है. इसमें 60 फीसदी से ज़्यादा की कटौती की गई है. ये कदम बैंकिंग के लिए ऐसे फ़ोन इस्तेमाल करने वालों को बड़ी राहत देगा.
फीचर फ़ोन पर मोबाइल बैंकिंग के लिए टेलीकॉम कंपनियां अपने ग्राहकों को यूएसएसडी इस्तेमाल करने का विकल्प देती हैं.
यूएसएसडी इस्तेमाल करने पर स्क्रीन पर एक पॉपअप दिखाई देता है जिसके अनुसार लोगों को अपना विकल्प चुनना होता है. यूएसएसडी इस्तेमाल में आम बैंक ट्रांजेक्शन करते समय कई एसएमएस भेजने पड़ते हैं.
ट्राई ने अब टेलीकॉम कंपनियों को आदेश दिया है कि एक बार होने वाले यूएसएसडी के इस्तेमाल के लिए ज़्यादा से ज़्यादा 50 पैसे ही लिए जा सकते हैं. अब तक ऐसे ट्रांसक्शन के लिए कंपनियां ग्राहकों से डेढ़ रुपये तक लेती थीं.
100 करोड़ से ज़्यादा मोबाइल कनेक्शन वाले देश में करीब 65 फीसदी लोग फीचर फ़ोन का इस्तेमाल करते हैं. ये लोग अक्सर गांव के होते हैं या फिर काम की तलाश में शहर आते हैं. ट्राई के इस आदेश का सीधा फायदा इन लोगों तक पहुंचेगा.
टैरिफ कम करने के अलावा ट्राई ने एक सेशन के लिए 8 बार मैसेज भेजने की न्यूनतम सीमा तय की है. दर अधिक होने के कारण फीचर फोन यूजर मोबाइल बैंकिंग का कम इस्केमाल करते हैं.
अक्टूबर 2016 में 84 लाख लोगों ने फीचर मोबाइल से बैंक ट्रांजेक्शन किए जब्कि ऐसे मोबाइल धारकों की संख्या देश में करीब 65 करोड़ है.
देश में जन धन योजना से जुड़े लोगों की संख्या करीब 19 करोड़ है, इसी कारण से मोबाइल बैंकिंग के लिए यूएसएसडी का इस्तेमाल बढ़ा है.
लेकिन ऐसे लोगों तक इस सस्ती सुविधा के पहुंचने में एक और परेशानी है. ट्राई ने नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया से कहा कि वो ऐसी व्यवस्था करे जिससे ये पता चल सके कि बैंकिंग ट्राजेक्शन में विफलता की दर क्या है. क्या इसे और बेहतर बनाया जा सकता है. ताकि ग्राहकों को आसानी हो. मई 2016 में 36 लाख ट्रांजैक्शन में से सिर्फ 54 फीसदी ही सफल हुए थे.
ट्राई अब ये कोशिश कर रहा है कि इस सुविधा का लाभ और तरह से भी लोगों को मिल पाए. यूएसएसडी की मदद से कई और सरकारी सेवाओं के लिए बिल के भुगतान की सुविधा शुरू की जा सकती है.
भारत बिल पेमेंट सिस्टम (बीबीपीएस) की शुरुआत अगस्त 2016 में हुई थी. इसकी मदद से बिजली बिल, पानी बिल, गैस बिल, टेलीफोन बिल, डीटीएस बिल का भुगतान किया जाता है.