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आत्महत्या बनी सरकार की परेशानी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
देश भर में चुनावी गहमागहमी के बीच उत्तर प्रदेश में एक सरकारी अधिकारी का कथित धन वसूली से तंग आकर आत्महत्या करना मायावती सरकार के लिए परेशानी का सबब बन गया है. मुख्यमंत्री मायावती ने अपनी फज़ीहत बचाने के लिए शनिवार की रात कई आला अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है लेकिन विपक्षी दल इससे संतुष्ट नही हैं. राज्य सरकार के अधीन सहकारी संस्था पीसीएफ में सहायक प्रबंधक सैय्यद गयास अहमद ने शनिवार को इलाहाबाद में अपने घर पर पंखे से लटक कर आत्मह्त्या कर ली थी. पुलिस ने जांच के दौरान हाथ से लिखा एक पर्चा बरामद किया जिसमें लिखा है कि '' मुख्यालय से फोन आता है, पैसे की व्यवस्था करो. कहाँ से इससे उन्हें मतलब नही है.'' इसमें आगे लिखा है, '' सितम्बर से लेकर अब तक एमडी, एएमडी और जीएम (प्रशासन) ले चुके हैं, जिसमे कुछ पैसा तो स्टाफ से चन्दा लेकर दिया था. बारह हजार तनख्वाह से हर माह लगभग पांच हजार चला जाता है. मुख्यालय की डिमांड पूरी न करने पर सीआर ख़राब करने तथा सस्पेंड करने की धमकी दी जाती है.'' वैसे तो पीसीएफ एक सहकारी संस्था है और उसका मैनज़मेंट बोर्ड निर्वाचित होता है लेकिन मायावती सरकार ने बोर्ड को भंग कर अफसर तैनात कर दिए थे. यह महज संयोग नहीं कि पीसीएफ के दोनों आला अफसर दलित हैं और मुख्यमंत्री के करीबी माने जाते है. विभागीय सहकारिता मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्या बसपा के प्रदेश अध्यक्ष हैं और मुख्यमंत्री के विश्वासपात्र भी. इसलिए विपक्षी समाजवादी पार्टी ने प्रेस कांफ्रेंस बुलाकर सीधे सरकार पर निशाना साधा. प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल यादव ने कहा कि बसपा सरकार में अधिकारियों से ज़बरदस्त वसूली की जा रही है. मुख्यमंत्री मायवती ने शनिवार की शाम चुनावी दौरे से लौटते ही अफसरों को बुलाया और रात करीब बारह बजे पत्रकारों को बताया गया कि पीसीएफ के एमडी, एडीशनल एमडी और जी एम (प्रशासन) को सस्पेंड कर मामले की जांच इलाहाबाद के कमिश्नर को दे दी गई है. विपक्ष इस कार्रवाई से संतुष्ट नही है. वो इस काण्ड की तुलना औरैया के इंजीनियर हत्याकांड से कर रहा है.सपा नेता शिवपाल यादव का कहना है कि एक ईमानदार युवा अफसर की जान कैसे वापस आ सकती है. शिवपाल यादव का आरोप है कि आला अफसरों की तैनाती में मोटी रकम ली जाती इसलिए वो नीचे से बेधड़क वसूली करते हैं. मुख्यमंत्री मायावती पर जन्म दिन के अवसर पर जबरन चन्दा वसूली का आरोप लगा है . मायावती ने इन आरोपों को ख़ारिज़ किया है लेकिन उनके इनकार पर लोगों ने यकीन नही किया. अब चुनाव प्रचार में भी मुख्यमंत्री और उनके सहयोगियों पर जबरन वसूली के गंभीर आरोप लग रहे हैं. इसी कारण मायावती ने अफसरों को फ़टाफ़ट सस्पेंड कर अपना पल्ला झाड़ने की कोशिश की है. | इससे जुड़ी ख़बरें इंजीनियर हत्या में पुलिसकर्मी गिरफ़्तार30 दिसंबर, 2008 | भारत और पड़ोस यौन शोषण मामला: बसपा नेता गिरफ़्तार01 जनवरी, 2009 | भारत और पड़ोस इंजीनियर हत्याकांड में आरोप पत्र दाख़िल 03 जनवरी, 2009 | भारत और पड़ोस 'विपक्ष को शुक्रिया, चंदा दोगुना हुआ'15 जनवरी, 2009 | भारत और पड़ोस थू-थू दिवस, धिक्कार दिवस...15 जनवरी, 2009 | भारत और पड़ोस 'मायावती ने कोई अल्टीमेटम नहीं दिया'15 मार्च, 2009 | भारत और पड़ोस 'प्रधानमंत्री का फ़ैसला चुनाव के बाद'18 मार्च, 2009 | भारत और पड़ोस 'दर्द समझने के लिए माँ होना ज़रुरी नहीं'04 अप्रैल, 2009 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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