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शनिवार, 04 अप्रैल, 2009 को 10:42 GMT तक के समाचार
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'दर्द समझने के लिए माँ होना ज़रुरी नहीं'
मायावती
मायावती ने कहा है कि राज्य की कानून व्यवस्था बिगड़ने नहीं दी जाएगी
उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री ने भारतीय जनता पार्टी की नेता मेनका गांधी पर पलटवार करते हुए कहा है कि यदि वे एक माँ का दर्द समझती तो कभी वरुण गाँधी के घृणित बयान का समर्थन नहीं करती.

इससे पहले वरुण गाँधी की माँ मेनका गाँधी ने कहा था कि चूँकि मुख्यमंत्री मायावती ख़ुद माँ नहीं है इस वजह से वे माँ का दर्द नहीं समझती हैं.

पीलीभीत से भाजपा के प्रत्याशी वरुण गाँधी को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत गिरफ़्तार किया गया है और वे जेल में हैं.

वरुण गांधी पर आरोप है कि उन्होंने छह मार्च को अपने चुनाव क्षेत्र पीलीभीत में मुसलमानों के ख़िलाफ़ भड़काऊ भाषण दिया था.

इस मामले में चुनाव आयोग के निर्देश पर पीलीभीत के ज़िलाधिकारी ने वरुण गाँधी के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज करवाई थी.

मायावती ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, "मेनका केवल एक बेटे का दर्द समझती है मैं करोड़ों बेटों का दर्द समझती हूँ. माँ का दर्द समझने के लिए माँ होना ज़रुरी नहीं है. मदर टरेसा भी माँ नहीं थी लेकिन उन्होंने प्यार पूरे विश्व को दिया."

मायावती ने कहा कि मेनका गांधी को हज़ारों माँ का दर्द समझना चाहिए. उन्होंने कहा कि यदि मेनका एक अच्छी माँ होती तो वरुण को अच्छे संस्कार देती.

'वरुण लड़ रहे हैं'

उधर मायावती के इस बयान पर टिप्पणी करते हुए मेनका गाँधी ने बरेली में संवाददाताओं से बातचीत करते हुए कहा कि मदर टरेसा अपने जन्मदिन पर वसूली करके हत्या नहीं करवाती थी न हीं वह गोलियाँ चलवाती थी.

उन्होंने कहा, " वरुण गाँधी देश विरोधी ताक़तों से लड़ रहे हैं."

शनिवार को ज़िला मज़िस्ट्रेट से विशेष अनुमति लेकर वरुण गाँधी से मुलाक़ात की.

उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी व्यक्ति को राज्य में कानून व्यवस्था को बिगाड़ने नहीं दिया जाएगा चाहे वह किसी पार्टी का हो और किसी पद पर हो.

 मेनका केवल एक बेटे का दर्द समझती है मैं करोड़ों बेटों का दर्द समझती हूँ. माँ का दर्द समझने के लिए माँ होना ज़रुरी नहीं है. मदर टरेसा भी माँ नहीं थी लेकनि उन्होंने प्यार पूरे विश्व को दिया
मायावती, उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री

वरुण गांधी ने इन आरोपों का खंडन करते हुए कहा था कि उन्होंने ऐसा भाषण कभी दिया ही नहीं था और उनके भाषण की जो सीडी जारी की गई है उसके साथ छेड़छाड़ की गई है.

पीलीभीत की स्थानीय अदालत में वरुण गांधी ने आत्मसमर्पण कर दिया था. इसके बाद उन्हें जेल भेज दिया गया. बाद में उन्हें इटा जेल भेज दिया गया था.

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