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लालू, मुलायम, पासवान एक मंच पर | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
उत्तर भारत के तीन बड़े नेता मुलायम सिंह यादव, लालू प्रसाद यादव और राम विलास पासवान शुक्रवार को लखनऊ में एक मंच पर आए और ऐलान किया कि तीनों मिलकर भारतीय जनता पार्टी और बहुजन समाज पार्टी को हरा कर दिल्ली में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के नेतृत्व में यूपीए की सरकार बनाने के लिए इकठ्ठा हुए हैं. इन तीनों नेताओं ने समाजवादी पार्टी, राष्ट्रीय जनता दल और लोक जनशक्ति पार्टी की तरफ़ से ये भी ऐलान किया कि ये लोग कम्युनिस्ट पार्टी वाले किसी तीसरे मोर्चे में शामिल नहीं है. तीनों की संयुक्त प्रेस कॉंफ़्रेंस में ये भी कहा गया कि समाजवादी पार्टी बिहार में अपना कोई भी प्रत्याशी खड़ा नहीं करेगी जिसके बदले में राजद और लोजपा उत्तर प्रदेश में अपने उम्मीदवार खड़ा नहीं करेंगे. तीनों नेताओं ने कहा कि इस नए गठबंधन का सीधा असर उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड की 134 लोक सभा सीटों पर पड़ेगा. ये तीनों नेता एक ज़माने में जनता दल के मुख्य स्तंभ रह चुके हैं.
तीनों नेताओं के मिलन को ऐतिहासिक दिन बताते हुए सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह ने कहा हम लोग पुराने कटु अनुभव भूल कर राजनीति में परिवर्तन लाने के लिए साथ आए हैं. उन्होंने कहा कि यह गठबंधन सिर्फ़ लोक सभा चुनाव के लिए नहीं है बल्कि ये गठबंधन आने वाले अन्य चुनावों में भी बना रहेगा. अपने अंदाज़ में राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष और रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव ने अपने अंदाज़ में राम नवमी की शुभकामना देते हुए कहा हम लोग मुठ्ठी बांध कर सांप्रदायिक और फ़िरक़ापरस्त ताक़तों को धूल चटा देंगे. लालू प्रसाद ने आरोप लगाया कि बहुजन समाज पार्टी और भारतीय जनता पार्टी का घालमेल है. लालू यादव ने कहा कि कांग्रेस में कुछ 'मुंशी मैनेजरों' के कारण कांग्रेस से चुनावी तालमेल न हो पाया लेकिन हम यूपीए के हिस्से हैं और दिल्ली में मनमोहन सिंह के नेतृत्व में सरकार बनाएंगे. लालू प्रसाद ने अपने मज़ाक़िया अंदाज़ में कहा कि मैं कोई तांत्रिक या ओझा नहीं हूँ लेकिन लालटेन की रौशनी में मैंने देख लिया है कि लाल कृष्ण आडवाणी जी की कुण्डली में प्रधानमंत्री का योग नहीं है. उन्होंने कहा कि एनडीए गठबंधन एक पके हुए कठहल की तरह बिखर गया है और ममता बनर्जी, फ़ारूक़ अब्दुल्लाह, चंद्रबाबू नायडू, नवीन पटनायक, जयललिता साथ छोड़ चुकी हैं और बिहार में जॉर्ज फ़र्नान्डिस भी अलग हो गए है. लालू प्रसाद ने ये भी स्पष्ट किया कि यह गठबंधन कोई चौथा या पांचवां गठबंधन नहीं है बल्कि यूपीए का ही हिस्सा है. मायावती निशाना लोक जनशक्ति पार्टी के नेता और इस्पात मंत्री राम विलास पासवान ने उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती पर हमला बोलते हुए कहा गुरू रविदास की जयंती पर छुट्टी बंद कर दी गई है और अम्बेडकर की जगह कांशीराम को महत्व दिया जा रहा है. उन्होंने कहा कि मायावती दलितों को मोहरा बना कर सामंतवादी व्यवस्था को ही मज़बूत कर रही हैं. तीनों नेता उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और मुंबई में एक साथ रैली करेंगे. प्रेस कॉंफ़्रेंस में सपा के नेता अमर सिंह, संजय दत्त, अखिलेश यादव, राजद सांसद राम कृपाल यादव और लोजपा के अब्दुल ख़ालिक़ भी मौजूद थे. तीनों नेताओं का पिछड़ी जातियों, किसानों और दलित समुदाय के एक वर्ग पर अच्छा ख़ासा प्रभाव है. पर्यवेक्षकों का मानना है कि भाजपा को हराने के लिए मस्लिम समुदाय भी उत्तर प्रदेश और बिहार में इस ओर झुक सकते हैं. पर्यवेक्षकों का ये भी मानना है कि इनकी एकता से घबरा कर भाजपा और बसपा वरुण गांधी के बहाने हिंदू-मुस्लिम कार्ड खेलना चाहती है. तीनों दल का यह गठबंधन बिहार में भी भाजपा और जदयू के गठबंधन को कड़ी चुनौती देगा. इस प्रेस कॉंफ़्रेंस की ख़ास बात ये रही कि तीनों नेताओं ने बार बार कांग्रेस के प्रति नर्म और समर्थन वाले लहजे का प्रयोग किया. | इससे जुड़ी ख़बरें मुलायम पर आयोग की टेढ़ी नज़र24 मार्च, 2009 | भारत और पड़ोस कुछ बड़े नेताओं पर हमले की चेतावनी19 मार्च, 2009 | भारत और पड़ोस लालू-पासवान ने मिलाए हाथ17 मार्च, 2009 | भारत और पड़ोस अकेले दम पर चुनाव लड़ेंगे: मायावती15 मार्च, 2009 | भारत और पड़ोस मुलायम को चुनाव आयोग का नोटिस12 मार्च, 2009 | भारत और पड़ोस लोक सभा चुनाव पाँच चरणों में होंगे02 मार्च, 2009 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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