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मनमोहन लोक सभा चुनाव लड़ें: आडवाणी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय जनता पार्टी के नेता लाल कृष्ण आडवाणी ने कांग्रेस की इस घोषणा का स्वागत किया है कि मनमोहन सिंह को चुनावों में पार्टी की ओर से प्रधानमंत्री पद के दावेदार के रूप में पेश किया जाएगा. लेकिन साथ ही उन्होंने कहा कि संसद तक पहुँचने के लिए मनमोहन सिंह को राज्य सभा के बजाय लोक सभा में चुनाव लड़ना चाहिए. आडवाणी भाजपा की ओर से प्रधानमंत्री पद के दावेदार हैं. अरुणाचल प्रदेश में चुनावी सभा में आडवाणी ने कहा, "ये अच्छा है कि यूपीए अध्यक्ष ने आख़िरकर प्रधानमंत्री पद के लिए नाम की घोषणा कर दी है लेकिन अगर मनमोहन सिंह लोक सभा सदस्य होंगे तो वे लोगों को ज़्यादा स्वीकार्य होंगे." 'यूपीए हुई कमज़ोर' पू्र्व उप प्रधानमंत्री आडवाणी ने मनमोहन सिंह को टीवी पर लाइव बहस के लिए भी चुनौती दी. मनमोहन सिंह को देश का अब तक का सबसे कमज़ोर प्रधानमंत्री बताता हुए आडवाणी ने कहा, "10 जनपथ से हरी झंडी लिए बगैर वे कुछ नहीं करते. पीएमओ में मंत्री प्रधानमंत्री के प्रस्ताव को सोनिया गांधी के पास लेकर जाता है. उनकी सहमति के बगैर मनमोहन सिंह कुछ नहीं कर सकते." बाद में पत्रकारों से बातचीत में भाजपा नेता ने कहा कि एनसीपी नेता पीए संगमा उत्तर-पूर्व में कांग्रेस विरोधी ताकतों को एक जुट करने की कोशिश कर रहे हैं. असल में एक चुनावी रैली में आडवाणी ने दावा किया है कि यूपीए के सदस्य उसे छोड़-छोड़ कर जा रहे हैं और वो कमज़ोर हो रहा है. उन्होंने कहा कि भाजपा देश भर में विभिन्न पार्टियों के साथ गठबंधन बनाने की कोशिश कर रही है ताकि कांग्रेस को खदेड़ा जा सके. | इससे जुड़ी ख़बरें आडवाणी के निशाने पर फिर मनमोहन24 मार्च, 2009 | भारत और पड़ोस 'आडवाणी सबसे योग्य उम्मीदवार'18 मार्च, 2009 | भारत और पड़ोस भाजपा ने किए यूपीए पर तीखे प्रहार18 मार्च, 2009 | भारत और पड़ोस शिव सेना और भाजपा में समझौता13 मार्च, 2009 | भारत और पड़ोस बीजेडी और बीजेपी का गठबंधन टूटा07 मार्च, 2009 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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