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'चुनाव आयोग ने जल्दबाज़ी की' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पीलीभीत से भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार वरुण गाँधी ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर चुनाव आयोग पर आरोप लगाया है कि उनके बारे में जल्दबाज़ी में फ़ैसला किया गया. रविवार रात चुनाव आयोग ने वरुण गांधी को एक समुदाय के ख़िलाफ़ भड़काऊ भाषण देने का दोषी पाया था और भाजपा को सुझाव दिया था कि लोकसभा चुनाव में वह उन्हें पार्टी का उम्मीदवार न बनाए. वरुण गाँधी ने अपने पत्र में आरोप लगाया है कि चुनाव आयोग ने जो पत्र उन्हें भेजा था वह पत्र उन्हें मिलने से पहले ही मीडिया में जारी कर दिया गया. पत्र में उन्होंने लिखा है कि चुनाव आयोग ने उन्हें अपना पक्ष रखने और अपने को निर्दोष साबित करने का पूरा मौक़ा नहीं दिया. आरोप वरुण गाँधी ने आरोप लगाया है कि चुनाव आयोग ने उन्हें उन रिपोर्टों की कॉपी नहीं दी जिसके आधार पर चुनाव आयोग ने निर्णय लिया है और न ही उन ऑडियो-वीडियो टेप की सत्यता की जाँच की गई जो चुनाव आयोग को मिले थे. वरुण गाँधी ने अपने पत्र में आगे लिखा है कि जिन आरोपों से वे घिरे हैं उससे कहीं ज़्यादा गंभीर आपराधिक सज़ा झेल चुके या अभियुक्त आज भी चुनाव के मैदान में हैं. कांग्रेस पार्टी पर चुटकी लेते हुए उन्होंने लिखा है कि वर्ष 1984 में दिल्ली में हुए दंगों में जिन लोगों के ख़िलाफ़ मामले चल रहे हैं उन्हें भी पार्टी ने उम्मीदवार बनाया है. उन्होंने आरोप लगाया है कि जिस जल्दबाज़ी में चुनाव आयोग ने निर्णय लिए हैं उससे ऐसा लगता है कि राजनीतिक दबाव के तहत ऐसा किया गया है. इससे पहले वे चुनाव आयोग के आरोपों को ये कहते हुए ख़ारिज कर चुके हैं कि उनके 'भाषण की वीडियो रिकॉर्डिंग में छेड़छाड़ की गई है. | इससे जुड़ी ख़बरें चुनाव आयोग ने वरुण को दोषी पाया22 मार्च, 2009 | भारत और पड़ोस आयोग का सुझाव पक्षपातपूर्ण: भाजपा23 मार्च, 2009 | भारत और पड़ोस वरुण मामले पर राजनीति गरमाई23 मार्च, 2009 | भारत और पड़ोस वरुण की टिप्पणियाँ दुर्भाग्यपूर्ण: मनमोहन19 मार्च, 2009 | भारत और पड़ोस वरुण ने हाई कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया19 मार्च, 2009 | भारत और पड़ोस विवादास्पद बयान के बाद बदलेगी स्थिति?19 मार्च, 2009 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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