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माओवादियों ने थाना घेरा, मुठभेड़ जारी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
झारखंड में पुलिस के अनुसार रविवार देर रात से बड़ी संख्या में माओवादियों ने एक पुलिस थाने को घेर रखा है. पुलिस और माओवादियों के बीच सोमवार सुबह तक मुठभेड़ जारी है. छत्तीसगढ़ की सीमा से सटे गढ़वा ज़िले के धुर्की थाने में चल रही इस मुठभेड़ में हथियारों से लैस माओवादियों की संख्या 200 से 250 तक हो सकती है. ये दूरदराज़ का पहाड़ और जंगल का इलाक़ा है और पुलिस के अनुसार वहाँ अतिरिक्त पुलिस बल भेजे जा रहे हैं. फ़िलहाल ये स्पष्ट नहीं है कि मुठभेड़ में कितने लोग हताहत हुए है. ग़ौरतलब है कि ये घटना उस समय हुई है जब देश में आम चुनाव की घोषणा के साथ ही राज्य में माओवादी गतिविधियों में तेज़ी आई है. चुनावी घोषणा से पहले ही माओवादी चुनाव के बहिष्कार का ऐलान कर चुके हैं. माओवादी हुए सक्रिय महत्वपूर्ण है कि रविवार को लोहड़दग्गा इलाक़े में पुलिस के साथ मुठभेड़ में तीन माओवादी घायल हुए थे. इससे पहले 19 अप्रैल को रांची से सटे खूंटी ज़िले में पुलिस ने महुआ के फूल एकत्र करने तड़के गए बच्चों पर गोली चलाई थी. इस घटना में एक बच्चा मारा गया था और एक अन्य अब भी गंभीर रूप से घायल है. हालांकि पुलिस ने इस घटना से पल्ला झाड़ लिया है लेकिन घटनास्थल से लौटे कुछ बच्चों का कहना है कि वे हाथ में टॉर्च और कटोरे लिए महुआ का फूल चुनने गए थे जब उन पर गोली चलाई गई. इसके बाद रविवार को पूरे इलाक़े में बंद का आहवान किया गया था जिससे जनजीवन पूरी तरह से ठप्प रहा. खूंटी जंगल का इलाक़ा है और वहाँ माओवादियों ने चुनाव की घोषणा से पहले ही चुनाव के बहिष्कार का नारा दे रखा है. | इससे जुड़ी ख़बरें दंतेवाड़ाः दो भाजपा नेताओं की हत्या09 नवंबर, 2008 | भारत और पड़ोस आरएसएस नेता की हत्या से तनाव06 नवंबर, 2008 | भारत और पड़ोस बुद्धदेब-पासवान हमले में बाल-बाल बचे02 नवंबर, 2008 | भारत और पड़ोस माओवादियों ने फिर किया हत्या का दावा05 अक्तूबर, 2008 | भारत और पड़ोस उड़ीसा में विहिप नेता समेत पाँच की मौत23 अगस्त, 2008 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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