|
इफ़्तेख़ार चौधरी 22 मार्च से कुर्सी संभालेंगे | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान में राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी ने परवेज़ मुशर्रफ़ के शासनकाल के दौरान हटाए गए जजों को बहाल करने का आदेश दिया है. सरकार ने स्पष्ट किया है कि बहाल किए जजों को दोबारा शपथ लेने की ज़रूरत नहीं होगी. बहाल किए जा रहे जजों में सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश इफ़्तेख़ार चौधरी भी शामिल हैं, उनके अलावा नौ अन्य जजों को बहाल करने का निर्देश राष्ट्रपति की ओर से जारी किया गया है. पाकिस्तान के विधि सचिव आग़ा रफ़ीक़ ने इस आशय की घोषणा राजधानी इस्लामाबाद में की. सुप्रीम कोर्ट के अपदस्थ चीफ़ जस्टिस इफ़्तेख़ार चौधरी 22 मार्च से दोबारा अपना कार्यभार संभाल लेंगे. पाकिस्तान में सुप्रीम कोर्ट के मौजूदा मुख्य न्यायाधीश अब्दुल हमीद डोगर 21 मार्च को रिटायर हो रहे हैं. एक अलग आदेश जारी करके प्रांतीय स्तर के नौ अन्य जजों को भी बहाल करने का ऐलान किया गया है, इनमें पेशावर, लाहौर और कराची हाइकोर्ट के जज शामिल हैं. पाकिस्तान में स्वतंत्र न्यायपालिका को बहाल करने की माँग पर वकीलों का आंदोलन कई दिनों से चल रहा था और उन्होंने इस्लामाबाद में एक बड़ी रैली करने की घोषणा की थी, जिसके लिए देश भर से हज़ारों लोग इस्लामाबाद पहुँचने की कोशिश कर रहे थे लेकिन राजधानी की पूरी तरह क़िलेबंदी कर दी गई थी. प्रमुख विपक्षी दल पाकिस्तान मुस्लिम लीग (पीएमएल नवाज़) लंबे समय से जजों की बहाली की माँग करते हैं, इसी मामले पर पीएमएल और आसिफ़ अली ज़रदारी की पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) का गठबंधन टूट गया था. राष्ट्रपति ज़रदारी की ओर जारी इस आदेश को वकीलों के आंदोलन की एक बड़ी सफलता और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी की एक राजनीतिक नाकामी के तौर पर देखा जा रहा है. |
इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||