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वैकल्पिक सरकार की ज़रूरत है: कारत | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
लोकसभा चुनावों के लिए घोषणा पत्र जारी करते हुए मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने एक वैकल्पिक धर्मनिरपेक्ष सरकार बनाने की अपील की है. मंगलवार को पार्टी के महासचिव प्रकाश कारत ने दिल्ली में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि देश को कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी से इतर सरकार चाहिए. उन्होंने कहा कि सीपीएम ग़ैर कांग्रेसी और ग़ैर भाजपा सरकार बनाने के लिए काम करेगी. प्रकाश करात ने कहा कि सीपीएम ने यूपीए सरकार को समर्थन देते हुए अनेक ऐसे फ़ैसले लेने को सरकार को मजबूर किया जिससे देश वर्तमान आर्थिक संकट से बचा हुआ है. कांग्रेस पर प्रहार करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने स्वतंत्र भारत की विदेश नीति के साथ धोखा किया है. 'असमानता बढ़ी' प्रकाश कारत ने यूपीए सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि मनमोहन सिंह के नेतृत्व में सरकार ने अमरीका के साथ सामरिक साझेदारी करके देश के साथ धोखा किया है. उन्होंने कहा, "अमरीका के साथ व्यापार और अन्य आर्थिक संबंध हों, लेकिन किसी तरह का सामरिक समझौता नहीं होना चाहिए." भारतीय जनता पार्टी पर चुटकी लेते हुए करात ने कहा कि भाजपा ने पिछले पाँच साल में जो कुछ किया है कि उससे स्पष्ट है कि जनता ने वर्ष 2004 के लोकसभा चुनाव में एनडीए को उचित ही हराया था. उन्होंने कहा कि यूपीए और एनडीए दोनों ने ही अमीरों के हित को ध्यान में रख कर नीतियाँ बनाईं जिससे देश के अंदर अमीर और ग़रीब के बीच की खाई बढ़ी है. प्रकाश कारत ने कहा कि यूपीए की सरकार देश के अंदर खाद्यान्न संकट को ख़त्म करने और महँगाई रोकने में विफल रही है. | इससे जुड़ी ख़बरें भाजपा-कांग्रेस के ख़िलाफ़ तीसरा मोर्चा12 मार्च, 2009 | भारत और पड़ोस अकेले दम पर चुनाव लड़ेंगे: मायावती15 मार्च, 2009 | भारत और पड़ोस 'मायावती ने कोई अल्टीमेटम नहीं दिया'15 मार्च, 2009 | भारत और पड़ोस वामदलों ने कहा बहुत हो गया....08 जुलाई, 2008 | भारत और पड़ोस शिव सेना और भाजपा में समझौता13 मार्च, 2009 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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