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करज़ई ने जल्दी चुनाव की अपील की | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करज़ई ने 21 अप्रैल तक देश में राष्ट्रपति चुनाव कराने की अपील की है. उनकी यह अपील चुनाव आयोग के प्रस्ताव से मेल नहीं खाती है. आयोग बीस अगस्त तक चुनाव कराने के पक्ष में है. हामिद करज़ई का कार्यकाल 21 मई को ख़त्म हो रहा है और आशंका जताई जा रही है कि इससे आगे चुनाव टालने से अफ़ग़ानिस्तान में संवैधानिक संकट खड़ा हो सकता है. अफ़ग़ानिस्तान के संविधान के मुताबिक राष्ट्रपति को ख़ुद चुनाव की तारीखें घोषित करने का अधिकार नहीं है. संविधान के अनुच्छेद 61 के मुताबिक पाँच वर्ष का कार्यकाल ख़त्म होने से 30 से 60 दिनों पहले चुनाव हो जाना चाहिए. अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों का कहना है कि सुरक्षा चिंताओं, ख़राब मौसम और साज़ो सामान की कमी के कारण इतनी जल्दी चुनाव करा पाना मुश्किल होगा. काबुल स्थित बीबीसी संवाददाता के मुताबिक हामिद करज़ई पर आरोप लगाए जा रहे हैं कि वो राष्ट्रपति चुनाव टाल कर अवैध तरीके से अपना शासन आगे बढ़ा रहे हैं. अब जल्दी चुनाव कराने का बयान देकर उन्होंने गेंद चुनाव आयोग और विरोधियों के पाले में डाल दी है. | इससे जुड़ी ख़बरें हमारे लक्ष्य और ख़तरे एक हैं: क्लिंटन27 फ़रवरी, 2009 | भारत और पड़ोस 'अमरीकी अदालतों में जाने का हक़ नहीं'21 फ़रवरी, 2009 | भारत और पड़ोस 'अफ़ग़ानिस्तान में विफल नहीं होंगे'20 फ़रवरी, 2009 | भारत और पड़ोस नशे की गिरफ़्त में अफ़ग़ान पुलिस18 फ़रवरी, 2009 | भारत और पड़ोस मारे गए नागरिकों की संख्या में वृद्धि17 फ़रवरी, 2009 | भारत और पड़ोस 'एक ख़तरे से जूझ रहे हैं तीन देश'16 फ़रवरी, 2009 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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