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स्वात में वरिष्ठ अधिकारी रिहा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान में बीबीसी संवाददाता का कहना है कि स्वात घाटी में अगवा किए गए वरिष्ठ अधिकारी को रिहा कर दिया गया है. हालांकि वे अभी मिंगोरा नहीं पहुंचे हैं. खुशाल खान स्वात के नए ज़िला समन्वय अधिकारी हैं. स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक उन्हें बंदूक की नोक पर छह सुरक्षाकर्मियों के साथ अगवा किया गया था. वे उस समय स्वात के मुख्य शहर मिंगोरा जा रहे थे. अगवा होने के बाद ये अपहरण ऐसे समय हुआ जब स्वात में सरकार और चरमपंथियों के बीच स्थाई संघर्षविराम के लिए बातचीत चल रही है. इसके बाद वहाँ शरिया क़ानून लागू हो जाएगा. तालेबान ने पिछले हफ्ते दस दिन के लिए संघर्षविराम की घोषणा की थी. तालेबान ने कहा है कि स्वात घाटी में स्थाई संघर्षविराम किया जाए या नहीं, इस बारे में घोषणा अगले कुछ दिनों में की जाएगी. स्वात घाटी का ज़्यादातर नियंत्रण तालेबान के हाथ में है. वर्ष 2007 से इस इलाक़े में तालेबान के विद्रोह के कारण हज़ारों लोग पलायन कर चुके हैं और बड़ी संख्या में स्कूलों को भी नष्ट कर दिया गया है. पिछले हफ़्ते पाकिस्तान सरकार और स्वात घाटी में तालेबान ग्रुप के बीच शरिया क़ानून लागू करने को लेकर शांति समझौता हुआ था. समझौते के बाद स्वात में एक टीवी पत्रकार की हत्या भी हो चुकी है. मूसा खान खेल नाम के ये पत्रकार रिपोर्टिंग के लिए स्वात में थे. | इससे जुड़ी ख़बरें 'स्थायी संघर्षविराम पर फ़ैसला नहीं लिया'21 फ़रवरी, 2009 | भारत और पड़ोस 'स्वात में स्थायी संघर्षविराम पर सहमति'21 फ़रवरी, 2009 | भारत और पड़ोस पत्रकार की हत्या के विरोध में प्रदर्शन19 फ़रवरी, 2009 | भारत और पड़ोस स्वात में पाकिस्तानी पत्रकार की हत्या18 फ़रवरी, 2009 | भारत और पड़ोस 'तालेबान मानवीयता के लिए ख़तरा'18 फ़रवरी, 2009 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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