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अमरीकी विशेष दूत भारत के दौरे पर | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान- अफ़ग़ानिस्तान के लिए नियुक्त अमरीकी विशेष दूत रिचर्ड हॉलब्रुक भारत पहुँच रहे हैं. वो मुंबई हमलों की जाँच के सिलसिले में बात कर सकते हैं. हॉलब्रुक रविवार को अफ़ग़ानिस्तान से नई दिल्ली पहुँच रहे हैं. शनिवार को हॉलब्रुक ने काबुल में राष्ट्रपति हामिद करज़ई से मुलाक़ात की और अफ़ग़ानिस्तान की आंतरिक स्थिति का जायज़ा लिया. बताया जा रहा है कि हॉलब्रुक की भारत यात्रा का उद्देश्य मुंबई हमलों की जांच के बारे में ओबामा प्रशासन को अवगत कराना है. इसके साथ ही वो आतंकवाद के प्रति भारत के दृष्टिकोण को समझने की कोशिश करेंगे. इस बीच अमरीका ने यह साफ़ कहा है कि उनके एजेंडे में कश्मीर का मुद्दा बिल्कुल नहीं है. हॉलब्रुक की मुलाक़ात विदेश मंत्री प्रणब मुखर्जी और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार एमके नारायणन से होनी है जिसमे अफ़ग़ानिस्तान के पुनर्निर्माण में भारत की भूमिका पर चर्चा होगी. अमरीकी विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा, "मूल रूप से हॉलब्रुक की भारत यात्रा का इरादा भारत को जानना पहचाना ही है और अमरीका की ओर से वह कोई भी संदेश लेकर भारत नहीं जा रहे हैं." विश्लेषकों का मानना है कि भारत की ओर से हॉलब्रुक को यह बताया जाएगा कि मुंबई हमलों की जांच में भारत की मदद के लिए पाकिस्तान पर अमरीका दबाव डाले. भारत उनसे पाकिस्तान में फल-फूल रहे आतंकवाद के अड्डों को नष्ट करने की दिशा में ठोस क़दम उठाए जाने पर भी चर्चा करेगा. | इससे जुड़ी ख़बरें 'इराक़ से भी कठिन है अफ़ग़ानिस्तान'08 फ़रवरी, 2009 | भारत और पड़ोस पाकिस्तान में मिसाइल हमला, 25 मरे14 फ़रवरी, 2009 | भारत और पड़ोस क्या अमरीकी बंदूकें तालेबान के पास?12 फ़रवरी, 2009 | भारत और पड़ोस काबुल में तीन हमलों में 19 मारे गए11 फ़रवरी, 2009 | भारत और पड़ोस संदिग्ध चरमपंथियों ने पाक में पुल उड़ाया03 फ़रवरी, 2009 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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