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संदिग्ध चरमपंथियों ने पाक में पुल उड़ाया | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
उत्तर-पश्चिम पाकिस्तान के ख़ैबर दर्रे के क्षेत्र में संदिग्ध चरमपंथियों ने एक पुल को उड़ा दिया है जिससे पड़ोसी राज्य अफ़ग़ानिस्तान स्थित नैटो सेनाओं को भेजी जाने वाली आवश्यक सामग्री पहुँचनी बंद हो गई है. अफ़ग़ानिस्तान में अंतरराष्ट्रीय सेनाओं के लिए ज़्यादातर आपूर्ति पाकिस्तान में ख़ैबर दर्रे के माध्यम से ही आती है. अमरीका की सेना अब आवश्यक सामग्री भेजने के लिए दूसरे वैकल्पिक रास्ते तलाश रही है क्योंकि पिछले कुछ हफ़्तों से पाकिस्तान के पेशावर और अफ़ग़ानिस्तान के पहाड़ी रास्तों पर सामग्री लेकर जा रहे क़ाफ़िलों पर चरमपंथी हमले बढ़ते जा रहे हैं. इस बीच, स्वात घाटी में सेना और चरमपंथियों के बीच लड़ाई चल रही है. सेना का कहना है कि पिछले दो दिनों में उन्होंने क़रीब 35 संदिग्ध चरमपंथियों को मार दिया है जो तालेबान की तर्ज पर इस्लामी क़ानून लागू करने का अभियान चला रहे हैं. तालेबान का गढ़ स्थानीय नागरिकों का कहना है कि पिछले एक सप्ताह में घाटी में मारे गए नागरिकों की संख्या अब बढ़कर 40 तक पहुँच गई है. समाचार एजेंसी एएफ़पी ने एक स्थानीय अधिकारी तारीक़ हयात के हवाले से बताया कि ख़ैबर दर्रे के क्षेत्र में बने हुए पुल को स्थानीय समय के अनुसार सुबह छह बजे नष्ट कर दिया गया गया जिससे उस रास्ते के सारे यातायात को रोकना पड़ा. उन्होंने कहा, "हम पुल को ठीक करने और यातायात सामान्य करने के लिए टीम भेज रहे हैं." क़रीब 30 मीटर का लोहे का बना यह पुल पेशावर से पश्चिम में 23 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. पिछले दिसंबर में तालेबान चरमपंथियों के ट्रकों को कब्ज़े में करने की वजह से पाकिस्तान के ट्रक चालकों ने ट्रकों में सामग्री लाने से इंकार कर दिया था. इन हमलों की वजह से अमरीका ने घोषणा की है कि वह रूस और दूसरे देशों के साथ इस नतीजे पर पहुँचा है कि आवश्यक आपूर्ति के लिए मध्य एशिया के देशों से निकलता हुए कोई वैकल्पिक रास्ता खोजा जाए. | इससे जुड़ी ख़बरें पाकिस्तान ने ख़ैबर दर्रे को बंद किया19 जनवरी, 2009 | भारत और पड़ोस पाकिस्तान ने मुख्य मार्ग बंद किया30 दिसंबर, 2008 | भारत और पड़ोस चरमपंथियों ने ट्रक छोड़े, पर सामान गायब11 नवंबर, 2008 | भारत और पड़ोस ख़ैबर इलाक़े में शांति समझौता10 जुलाई, 2008 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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