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राजनीतिक हिंसा में छह मारे गए | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीएम) और विपक्षी तृणमूल कांग्रेस के समर्थकों के बीच भड़की हिंसा में कम से कम छह लोग मारे गए हैं. घटना राज्य के बीरभूम ज़िले में स्थित पापुरी गाँव की है जहाँ सीपीएम कार्यकर्ताओं की भीड़ अचानक पहुँच गई. तृणमूल समर्थक स्थानीय गाँव वालों ने इसका विरोध किया और देखते ही देखते माहौल बिगड़ गया. दोनों ओर से हिंसा शुरु हो गई जिसमें बंदूकों और सुतली बमों का इस्तेमाल किया गया. कई घंटों तक चली झड़प के बाद हिंसा पर काबू पाया जा सका. फिलहाल गाँव में पुलिसकर्मियों की तैनाती कर दी गई है. राज्य में हाल के कुछ वर्षों में सीपीएम और तृणमूल कांग्रेस के बीच हिंसा बढ़ी है. दोनों पक्ष एक दूसरे के समर्थक इलाक़ों पर अपना दबदबा बनाने की कोशिश कर रहे हैं. सीपीएम को कड़ी चुनौती मिलनी तब शुरु हुई जब टाटा की नैनो कार परियोजना का तृणमूल कांग्रेस ने पुरज़ोर विरोध किया. परियोजना स्थल सिंगुर में दोनों पक्षों के बीच कई बार हिंसक झड़पें हुई थीं जिनमें कई लोग मारे गए थे. हिंसा को देखते हुए टाटा मोटर्स ने पिछले साल अपनी फैक्ट्री हटाने का फ़ैसला किया था और अब इसे गुजरात स्थानांतरित किया जा चुका है. तृणमूल कांग्रेस की नेता ममता बनर्जी ने इसे पार्टी की जीत बताया था. | इससे जुड़ी ख़बरें सिंगुर में नई परियोजना की मांग11 अक्तूबर, 2008 | भारत और पड़ोस सिंगुर में सीपीएम का बंद, स्थिति तनावपूर्ण04 अक्तूबर, 2008 | भारत और पड़ोस सिंगुर में सीपीएम ने बंद रखा04 अक्तूबर, 2008 | भारत और पड़ोस टाटा ने संयंत्र हटाने का फ़ैसला किया03 अक्तूबर, 2008 | भारत और पड़ोस सिगुंर में टाटा प्लांट के गार्डों पर हमला23 सितंबर, 2008 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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