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मंगलवार, 20 जनवरी, 2009 को 09:06 GMT तक के समाचार
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'अपमानजनक व्यवहार हो रहा था'
कल्याण सिंह
कल्याण सिंह पहले भी भाजपा इस्तीफ़ा देकर पार्टी में वापसी कर चुके हैं
उत्तर प्रदेश से भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर नेता कल्याण सिंह ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता और सभी पदों से इस्तीफ़ा दे दिया है.

कल्याण सिंह ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी में उनके साथ पिछले कुछ दिनों से अपमानजनक व्यवहार हो रहा है और उनकी उपेक्षा हो रही है इसलिए वो पार्टी से इस्तीफ़ा दे रहे हैं.

लखनऊ में एक प्रेस कांफ्रेस में उन्होंने कहा, '' मैंने अपना इस्तीफ़ा राष्ट्रीय अध्यक्ष और प्रतिपक्ष के नेता लालकृष्ण आडवाणी को अपना इस्तीफ़ा भेज दिया है. मुझे घुटन महसूस हो रही थी पार्टी में. अपमानजनक व्यवहार हो रहा था मेरे साथ. मैंने कभी भी आत्मसम्मान और स्वाभिमान से समझौता नहीं किया है. ''

उल्लेखनीय है कि भाजपा ने कल्याण सिंह को एटा लोकसभा से टिकट भी दिया था लेकिन कल्याण सिंह ने प्रेस कांफ्रेस में साफ़ कर दिया कि वो यह टिकट भी वापस कर रहे हैं.

 ''पार्टी में चुनावों के लिए सूची बन रही थी. मुझसे किसी ने पूछा तक नहीं. मुझ पर आरोप लगाए गए कि मैंने बेटे के लिए और अपने चहेतों के लिए टिकट मांगे. ये सरासर ग़लत है. मैं एटा की सीट पर से बीजेपी के टिकट पर चुनाव भी नहीं लड़ूंगा
कल्याण सिंह

उनका कहना था, ''पार्टी में चुनावों के लिए सूची बन रही थी. मुझसे किसी ने पूछा तक नहीं. मुझ पर आरोप लगाए गए कि मैंने बेटे के लिए और अपने चहेतों के लिए टिकट मांगे. ये सरासर ग़लत है. मैं एटा की सीट पर से बीजेपी के टिकट पर चुनाव भी नहीं लड़ूंगा. ''

हालांकि उन्होंने यह भी साफ़ किया कि वो न तो कोई नई पार्टी बना रहे हैं और न ही किसी अन्य राजनीतिक दल में इस समय शामिल हो रहे हैं.

लेकिन उन्होंने इतना ज़रुर कहा, '' आपको बता दूं कि मैं राजनीति से संन्यास नहीं ले रहा हूं. मैं और अधिक सक्रिय होकर अपनी भूमिका निभाने वाला हूं आने वाले दिनों में. ''

उल्लेखनीय है कि पिछले कुछ दिनों में ख़बरें आ रही थीं कि कल्याण सिंह समाजवादी पार्टी में शामिल हो सकते हैं और उनके बेटे को सपा टिकट भी दे सकती है.

कल्याण सिंह ने बार बार दोहराया कि पार्टी में वो उपेक्षित महसूस कर रहे थे और इसी कारण उन्होंने इस्तीफ़ा दिया है.

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे कल्याण सिंह पार्टी के बड़े नेताओं में से माने जाते हैं और पिछड़े वर्गों में उनकी अच्छी ख़ासी पैठ है.

इसे देखते हुए जानकारों का कहना है कि कल्याण सिंह के पार्टी छोड़ने का ख़ामियाज़ा पार्टी को भुगतना पड़ सकता है.

हालांकि अभी ये साफ़ नहीं है कि कल्याण सिंह की आगे की रणनीति क्या होगी लेकिन फ़िलहाल बीजेपी के लिए उन्होंने यूपी में मुश्किलें और बढ़ा ज़रुर दी हैं.

कल्याण सिंह इससे पहले भी बीजेपी छोड़ कर राष्ट्रीय क्रांति दल बना चुके हैं लेकिन फिर वो पार्टी में शामिल हो गए थे.

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