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बेनज़ीर की बेटी ने दी सुरों भरी श्रद्धांजलि | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान की पूर्व प्रधानमंत्री बेनज़ीर भुट्टो की पहली बरसी के मौक़े पर उनकी बड़ी बेटी बख़्तावर भुट्टो ज़रदारी ने उन्हें गाने के ज़रिए श्रद्धांजलि दी है. बख़्तावर ने गाने में अपनी 'साहसी माँ' को 'परोपकार का प्रतीक' बताया है. गाने को बख़्तावर ने लिखा है और उसे उनकी ही आवाज़ में एक 'रैप संगीत' के रुप में रिकार्ड भी किया गया है. अठारह वर्षीय बख़्तावर इस समय एडिनबरा यूनिवर्सिटी की छात्रा हैं. उनके गाने को पाकिस्तान के सरकारी टेलीविज़न पर लगातार दिखाया गया और उसे वीडियो क्लिप दिखाने वाली लोकप्रिय वेबसाइट यूट्यूब पर भी पोस्ट किया गया है. माँ की हत्या बख़्तावर के गाने के बोल अंग्रेज़ी में हैं, "मेरी माँ की हत्या कर दी गई, मैं समझ भी नहीं पाई, क्या उन्हें मारना चाहिए था? मैं अंधेरी गलियों से गुज़र रही हूँ." माँ की सुंदरता और बुद्धिमता की तारिफ़ करते हुए गाने में कहा गया है कि उनके क़त्ल पर सारी दुनिया रो रही है. गाने के कुछ बोल हैं, आपकी कनपटी पर गोली मारी गई, जब आप 54 वर्ष की थीं, तीन बच्चे छोड़ गईं, पूरा देश आप के बग़ैर नाउम्मीद है, आप उन सब के दिलों में हैं. सूचना प्रसारण मंत्री शेरी रहमान का कहना है कि बख़्तावर ने अपनी पढ़ाई के दौरान ये गीत लिखे हैं. वे कहती हैं, "यह एक दुखी बेटी का आदर्श व्यक्तित्व और प्यारी माँ को श्रद्धांजलि है." शेरी रहमान के अनुसार बख़्तावर को गीत-संगीत से लगाव है लेकिन वो इसे अपना करियर नहीं बना रही हैं. इस गीत का जहाँ पाकिस्तान के सिंधी अख़बारों में अनुवाद छापा गया है वहीं ब्रितानी मीडिया ने भी इस पर समीक्षा की है. बेनज़ीर भुट्टो जब 27 दिसंबर 2007 को एक चुनावी सभा को संबोधित कर सभा स्थल से निकल रही थीं कि गोली मारकर उनकी हत्या कर दी गई. |
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