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नेपाल में बिजली का संकट | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
नेपाल सरकार ने देश में बिजली के संकट की घोषणा करते हुए कहा है कि उपभोक्ताओं को हर दिन 10 घंटे तक बिजली कटौती का सामना करना पड़ेगा. संकट घोषित करते हुए मंत्रिमंडल ने फ़ैसला किया है कि अगले साल जून तक दो सौ मेगावाट की एक ताप विद्युत परियोजना स्थापित की जाएगी. हालांकि देश के ऊर्जा विशेषज्ञों का कहना है कि ताप विद्युत परियोजना से बिजली बनाना काफ़ी महंगा है और यह टिकाऊ उपाय भी नहीं है. उल्लेखनीय है कि नेपाल अपनी ज़रुरतों की आधी बिजली पैदा करती है. इस बार देश के बाँधों में आवश्यकता से कम पानी एकत्रित होने की वजह से बिजली उत्पादन में काफ़ी फ़र्क पड़ा है. नेपाल को भारत जो बिजली देता है उससे देश की आवश्यकताएँ पूरी नहीं हो पातीं. समाचार एजेंसियों के अनुसार इस समय लोगों को हर दिन कोई पाँच घंटे बिजली कटौती का सामना करना पड़ रहा है. समाचार एजेंसी एपी के अनुसार सरकारी नेपाल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी (एनईए) ने कहा है कि आगे यह कटौती दस घंटे प्रतिदिन तक हो सकती है. सरकार ने बिजली के इस संकट को गुरुवार को आपात स्थिति घोषित कर दिया है जिससे कि बिजली घर लगाने के लिए संसद की मंज़ूरी की लंबी प्रक्रिया से बचा जा सके. सरकार ने कहा है कि विद्युत परियोजना स्थापित करने के लिए निजी निवेशकों को आमंत्रित किया जाएगा. | इससे जुड़ी ख़बरें भारत और नेपाल के बीच अहम बातचीत31 अक्तूबर, 2008 | भारत और पड़ोस नए सिरे से परिभाषित हों रिश्ते: प्रचंड16 सितंबर, 2008 | भारत और पड़ोस बहुदलीय व्यवस्था का कठिन गणित04 सितंबर, 2008 | भारत और पड़ोस प्रधानमंत्री चुने गए प्रचंड15 अगस्त, 2008 | भारत और पड़ोस नेपाल को मदद देना जारी रखेंगे: मनमोहन15 अगस्त, 2008 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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