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भारत और नेपाल के बीच अहम बातचीत | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत और नेपाल के बीच शुक्रवार को गृह सचिव स्तर की बातचीत नई दिल्ली में हो रही है. सुरक्षा, सीमा प्रबंधन और आतंकवाद से संबंधित विषयों पर वार्ता होने की संभावना है. भारत की तरफ़ से बातचीत का नेतृत्व गृह सचिव मधुकर गुप्ता कर रहे हैं, जबकि नेपाली प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व उनके समकक्ष गोविंद प्रसाद कुसुम कर रहे हैं. ग़ौरतलब है कि माओवादी सरकार की स्थापना के बाद पहली बार गृह सचिव स्तर की दो दिवसीय बातचीत हो रही है. गृह मंत्रालय के एक प्रवक्ता का कहना है, "वार्ता के दौरान दोनों पक्ष सुरक्षा से संबंधित कई मुद्दों पर विचार विमर्श करेंगे. सीमा प्रबंधन और चरमपंथी गतिविधियों की कारगर रोकथाम जैसे विषयों पर भी बातचीत होगी." एक दौर और.. पिछले वर्ष भी दोनों देशों के बीच गृह स्तर पर काठमांडू में बातचीत हुई थी. इस बातचीत में भारत ने सीमा के आरपार अपराध और जाली मुद्रा रैकेट पर नेपाल से अपनी चिंता प्रकट की थी. इसके बाद दोनों पक्ष एक ऐसे संयुक्त कार्यदल के गठन पर सहमत हुए थे जिसमें दोनों देशों के सुरक्षा एजेंसियों के सदस्य शामिल थे. पिछले वर्ष बातचीत के दौरान ये भी फ़ैसला किया गया था कि सशस्त्र सीमा बल, अर्ध सैनिक बल भारत के केंद्रीय गृह मंत्रालय के अंतर्गत भारत- नेपाल की 1751 किलोमीटर सीमा की रखवाली करेंगे. सीमा की रखवाली के दौरान नेपाल के सशस्त्र पुलिस बलों से भी बेहतर समन्वय रखने का फ़ैसला किया गया था. वार्ता के अन्य प्रमुख विषयों में सीमा पर अपराध में वृद्धि को नियंत्रित करने के लिए एक संयुक्त कार्य दल के गठन की स्थापना पर सहमति बनी थी. ताकि सुरक्षा को मज़बूत किया जा सके. | इससे जुड़ी ख़बरें भारत के साथ अतुलनीय रिश्ता: प्रचंड15 सितंबर, 2008 | भारत और पड़ोस भारत दौरे पर दिल्ली पहुँचे प्रचंड14 सितंबर, 2008 | भारत और पड़ोस भारत में सुरक्षा के कड़े इंतजाम14 अगस्त, 2006 | भारत और पड़ोस हथियारों के मुद्दे पर हो गई सहमति09 अगस्त, 2006 | भारत और पड़ोस 'नेपाल में बातचीत टूटने के कगार पर'07 अगस्त, 2006 | भारत और पड़ोस 'कोइराला भूल गए कि सत्ता कैसे मिली'07 अगस्त, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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