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अमर सिंह-अहमद पटेल को क्लीन चिट | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
'वोट के बदले नोट' मामले की जाँच के लिए गठित संसदीय समिति ने अमर सिंह और अहमद पटेल को 'क्लीन चिट' दे दी है. संसदीय जाँच समिति का कहना है कि समाजवादी पार्टी के सांसद अमर सिंह और कांग्रेस के सांसद अहमद पटेल के ख़िलाफ़ आगे कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी. उल्लेखनीय है कि इस वर्ष जुलाई में लोकसभा में विश्वासमत हासिल करने के लिए सांसदों की कथित ख़रीद फ़रोख़्त के मामले में सात सदस्यीय जाँच समिति का गठन किया गया था. समिति ने 466 पेज की अपनी रिपोर्ट में कहा है, "चूँकि अहमद पटेल के खिलाफ़ कोई मामला नहीं है और अमर सिंह के खिलाफ़ कोई पुख़्ता सबूत नहीं है, इस वजह से समिति या सदन के पास कोई कारण नहीं है कि वह इन सदस्यों को जाँच समिति के सामने सबूतों के लिए पेश होने को कहे." जाँच की सिफ़ारिश हालांकि समिति ने अमर सिंह के सहयोगी संजीव सक्सेना, सुहैल हिंदुस्तानी और एलके आडवाणी के क़रीबी सुधींद्र कुलकर्णी की भूमिका को लेकर एक 'उचित जाँच समिति' से जाँच करवाने की सिफ़ारिश की है. वरिष्ठ कांग्रेस सदस्य वी किशोर चंद्र देव के नेतृत्व वाली इस समिति का गठन लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी ने किया था. भाजपा के तीन सांसदों अशोक अर्गल, महावीर भागौरा और फग्गन सिंह कुलस्ते ने 22 जुलाई को लोकसभा में विश्वासमत के दौरान एक करोड़ रुपए के नोटों की गड्डियां लहरा कर सनसनी फैला दी थी. तीनों सांसदों ने आरोप लगाया था कि समाजवादी पार्टी के महासचिव अमर सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष के राजनीतिक सचिव अहमद पटेल ने विश्वास मत में हिस्सा नहीं लेने के बदले रुपए देने की पेशकश की थी. जबकि इन दोनों ने इन आरोपों से इनकार किया था. | इससे जुड़ी ख़बरें भाजपा सांसदों ने दर्ज कराई शिकायत25 जुलाई, 2008 | भारत और पड़ोस वोट से ज़्यादा नोट की चर्चा23 जुलाई, 2008 | भारत और पड़ोस 19 मतों से विश्वासमत जीता यूपीए सरकार ने22 जुलाई, 2008 | भारत और पड़ोस नैतिक रूप से हार गई सरकार:आडवाणी22 जुलाई, 2008 | भारत और पड़ोस 'प्रधानमंत्री को इस्तीफ़ा देना चाहिए'22 जुलाई, 2008 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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