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'भाजपा ने प्रदेश को पीछे धकेल दिया' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
मध्य प्रदेश की जनता भारतीय जनता पार्टी के पिछले पाँच वर्षों के कुशासन से तंग आ चुकी है और इस विधानसभा चुनाव में उसे इसका ख़ामियाजा भुगतना पड़ेगा. भाजपा ने बिजली, पानी और सड़क के मुद्दे पर पिछला चुनाव जीता था लेकिन पार्टी ने पाँच वर्षों के कार्यकाल में तीन मुख्यमंत्री बदलने के अलावा और कोई सफलता हासिल नहीं की है. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह कह रहे हैं कि उनके शासन में बिजली उत्पादन बढ़ कर 6200 मेगावाट हो गया है लेकिन वो ये बताना भूल जाते हैं कि इसमें एक हज़ार मेगावाट से ज़्यादा बिजली केंद्र सरकार की है. इससे बड़ी त्रासदी क्या होगी कि मध्य प्रदेश में उत्पादित बिजली यहाँ के किसानों को नहीं मिलती लेकिन दूसरे राज्यों में जाती है. आप इसी से अंदाज़ा लगाइए कि राष्ट्रीय विकास दर जहाँ नौ फ़ीसदी के आस-पास है, वहीं मध्य प्रदेश में यह मात्र साढ़े तीन प्रतिशत है. जब दिग्विजय सिंह की सरकार थी तब विकास के मामले में यह प्रदेश 12 वें स्थान पर था, अब 14 वें पायदान पर है. कृषि के मामले में नौवें स्थान पर था, अब 12 वें स्थान पर है. औद्योगिक विकास के मामले में आठवें स्थान पर था, अब 15वें स्थान पर है. 'क़ानून-व्यवस्था और भ्रष्टाचार' इस चुनाव में सबसे राज्य में बिगड़ती क़ानून व्यवस्था और भ्रष्टाचार एक बड़ा मुद्दा साबित होगी. प्रदेश का अल्पसंख्यक समुदाय भाजपा की सांप्रदायिक राजनीति से भयभीत है और अपने आपको असुरक्षित महसूस कर रहा है.
हमारा नारा है कि हम सत्ता में आने पर जनता को एक जवाबदेह और ईमानदार सरकार देंगे. भ्रष्टाचार के मामले में शिवराज सरकार ने तो सारे पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं. शायद लोकतांत्रिक इतिहास में पहली बार किसी राज्य के 12-13 मंत्रियों के ख़िलाफ़ भ्रष्टाचार के मामले दर्ज किए गए हैं. यहाँ तक कि मुख्यमंत्री के दामन में भी दाग़ है और जनता इसे बखूबी समझती है. बसपा से ख़तरा नहीं
महँगाई एक मुद्दा ज़रूर है लेकिन इसके लिए केंद्र की यूपीए सरकार को दोषी ठहराना उचित नहीं होगा. पूरी दुनिया में क़ीमतें बढ़ी हैं और क़ीमतें रोकने में राज्य सरकार की भी भूमिका होती है. हमनें अपने घोषणापत्र में सस्ती दरों पर अनाज देने का वादा किया है. कुछ लोग कहते हैं कि ये आर्थिक समझदारी से लिया गया फ़ैसला नहीं है लेकिन मैं बताना चाहूंगा कि आर्थिक विशेषज्ञों से बात करने के बाद ही ये फ़ैसला हुआ है. मुझे पूरा विश्वास है कि कांग्रेस पार्टी बहुमत हासिल करेगी और अपने बूते सरकार बनाएगी. (बीबीसी संवाददाता आलोक कुमार से बातचीत के आधार पर) |
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