|
साध्वी को न्यायिक हिरासत में भेजा गया | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
महाराष्ट्र के मालेगाँव में हुए बम धमाके के सिलसिले में गिरफ़्तार साध्वी प्रज्ञा को नासिक की अदालत ने सोमवार को 17 नवंबर तक न्यायिक हिरासत में सौंप दिया. साथ ही एटीएस ने एक पत्रकारवार्ता में दावा किया कि उसने धमाकों के सिलसिले में तीन और लोगों को गिरफ़्तार किया है. हालांकि एटीएस ने जांच प्रभावित होने का हवाला देते हुए इस मामले में अधिक जानकारी देने से इनकार कर दिया. इसके पहले मुंबई आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) ने सोमवार को अदालत में एक प्रत्यक्षदर्शी के आधार पर साध्वी प्रज्ञा सिंह और अभिनव भारत नामक संस्था के सदस्य रामजी के बीच हुई बातचीत का ब्यौरा पेश किया. सोमवार को अदालत में साध्वी थोड़ी देर के लिए बेहोश भी हो गईं थीं. साध्वी पर शिकंजा अदालत में अभियोजन पक्ष ने कहा कि साध्वी प्रज्ञा सिंह ने रामजी से पूछा था कि धमाके में मरने वालों और घायलों की संख्या इतनी कम क्यों है ? अभियोजन पक्ष का कहना था कि साध्वी ने ये भी पूछा था कि क्या पुलिस ने विस्फोट में इस्तेमाल की जाने वाली उसकी मोटरसाइकिल जब्त कर ली? एटीएस के मुताबिक रामजी ने साध्वी से कहा कि ''मैंने अपना काम कर दिया.'' समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार अदालत ने जब साध्वी से पूछा कि क्या उन्हें कुछ कहना है तो साध्वी ने कहा, '' मुझे बहुत कुछ कहना है और इसके लिए काफ़ी वक्त चाहिए.'' साध्वी ने अदालत से यह भी पूछा कि 'क्या मुझे इंसाफ़ मिलेगा?' दूसरी ओर अभिनव भारत संस्था की प्रमुख हिमानी सावरकर का कहना है कि साध्वी प्रज्ञा सिंह को राजनीतिक कारणों से गिरफ़्तार किया गया है और ये सब साजिश का हिस्सा है. |
इससे जुड़ी ख़बरें मिलिटरी स्कूल ने दी सफ़ाई01 नवंबर, 2008 | भारत और पड़ोस साध्वी को टिकट नहीं: उमा भारती31 अक्तूबर, 2008 | भारत और पड़ोस साध्वी को चुनाव में उतारने की कोशिश30 अक्तूबर, 2008 | भारत और पड़ोस मालेगाँव धमाका: पूर्व मेजर गिरफ़्तार29 अक्तूबर, 2008 | भारत और पड़ोस साध्वी का ब्रेन मैपिंग और नॉर्को टेस्ट27 अक्तूबर, 2008 | भारत और पड़ोस साध्वी के घर पर पुलिस की छापेमारी26 अक्तूबर, 2008 | भारत और पड़ोस धमाकों में पूर्व सैनिकों से पूछताछ26 अक्तूबर, 2008 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||