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असम में तीन की हत्या, हड़ताल | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
एक प्रभावशाली छात्र संगठन के हड़ताल के आह्वान ने पूर्वोत्तर राज्य असम में सोमवार को जनजीवन ठप्प कर दिया है. इस बीच राज्य के कार्बी जनजाति के विद्रोहियों ने नौगाँव ज़िले के एक हिंदीभाषी गाँव पर हमला कर तीन लोगों को मार डाला. मारे गए लोग गॉव के छोटे व्यापारी थे. ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन (आसू) ने आतंकवाद रोकने में सरकार की नाकामी के विरोध में 11 घंटे की हड़ताल का आह्वान किया है. हड़ताल के दौरान पूरे असम में दुकानें, बाज़ार, स्कूल और कॉलेज बंद रहे. प्रमुख नगर गुवाहाटी और नज़दीकी ज़िलों को जो़ड़ने वाले राजमार्गों की सड़कों पर सार्वजनिक वाहन तो दूर, निजी वाहन भी बहुत कम नज़र आए. अस्पताल जैसी ज़रूरी सेवाओं को हड़ताल से अलग रखा गया. इसके अलावा सरकारी दफ़्तरों में भी रोज़ाना के मुक़ाबले कम उपस्थिति दर्ज की गई. बम धमाकों की पृष्ठभूमि इससे पहले शनिवार को असम में हुए बम धमाकों की श्रृंखला के विरोध में भारतीय जनता पार्टी ने बंद का आयोजन किया था. इन धमाकों में अस्सी के क़रीब लोग मारे गए थे और लगभग 200 घायल हुए थे. यह धमाके इस साल भारत में हुए धमाकों में सबसे भीषण थे.
डॉक्टरों का कहना है कि धमाके में घायल हुए कुछ लोगों की हालत गंभीर है और मरने वालों की संख्या में अब भी बढ़ोतरी हो सकती है. धमाके के ज़िम्मेदार लोगों को तलाश करने की असम सरकार के कोशिशों के बीच ही कार्बी जनजाति के विद्रोहियों ने राज्य के नौगाँव ज़िले के एक हिंदीभाषी गाँव पर हमला कर तीन लोगों को मार दिया. पुलिस प्रवक्ता बीजे महंता ने कहा कि कार्बी लोंगरी नेशनल लिबरेशन फ़्रंट के क़रीब दस विद्रोहियों ने सुकंजरी गाँव पर सोमवार सुबह हमला कर दिया और दो घरों से तीन हिंदी भाषियों को बाहर निकाल कर उन्हें गोली मार दी. मारे गए लोग गॉव के छोटे व्यापारी थे. यूनाइटेड लिबरेशन फ़्रंट ऑफ़ असम (उल्फ़ा) की तरह कार्बी विद्रोहियों का गुट भी समय समय पर हिंदीभाषियों पर हमले करता रहता है. | इससे जुड़ी ख़बरें 'आतंकवाद पर नरम नहीं'01 नवंबर, 2008 | भारत और पड़ोस धमाकों की गुत्थी अनसुलझी, प्रधानमंत्री असम दौरे पर01 नवंबर, 2008 | भारत और पड़ोस असम धमाके: मृतक संख्या 76 पहुँची31 अक्तूबर, 2008 | भारत और पड़ोस उत्तेजित भीड़ ने वाहनों में आग लगाई30 अक्तूबर, 2008 | भारत और पड़ोस असम धमाकों में 64 की मौत30 अक्तूबर, 2008 | भारत और पड़ोस असम में स्थिति गंभीर, 47 मरे07 अक्तूबर, 2008 | भारत और पड़ोस असम में हिंसा, 11 की मौत04 अक्तूबर, 2008 | भारत और पड़ोस असम धमाके में 22 लोग घायल18 सितंबर, 2008 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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