|
अफ़ग़ान मंत्रालय में आत्मघाती हमला | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अफ़ग़ानिस्तान की राजधानी काबुल में सूचना और संस्कृति मंत्रालय के अंदर हुए आत्मघाती हमले में कम से कम पाँच लोग मारे गए हैं. पुलिस का कहना है कि मंत्रालय के अंदर एक आत्मघाती हमलावर ने अपने को उड़ा लिया. धमाके में 20 लोग घायल भी हुए हैं. धमाका इतना ज़बरदस्त था कि मंत्रालय की इमारत बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है. इमारत के शीशे टूट गए हैं और सामान इधर-उधर बिखरा पड़ा है. बीबीसी संवाददाताओं का कहना है कि काबुल में मंत्रालयों की सुरक्षा काफ़ी कड़ी होती है और इस तरह के हमले आम तौर पर नहीं होते. ज़िम्मेदारी समाचार एजेंसियों को भेजे अपने संदेश में तालेबान ने इस हमले की ज़िम्मेदारी ली है. मंत्रालय में एक कर्मचारी ने बीबीसी संवाददाता इयन पैनल को बताया कि दो या तीन लोग ज़बरदस्ती मंत्रालय में घुस गए. उनमें से एक व्यक्ति ने अपने शरीर पर विस्फोटक बाँध रखी थी और बाद में उसने उसमें धमाका कर दिया. तालेबान के प्रवक्ता ज़बीउल्लाह मुजाहिद ने समाचार एजेंसियों को बताया कि तीन लोगों ने इस हमले को अंजाम दिया. उन्होंने बताया कि दो लोगों ने मंत्रालय के सुरक्षाकर्मियों पर गोली चलाई और फिर वहाँ से निकल गए और तीसरा व्यक्ति मंत्रालय के अंदर घुस गया. धमाका काफ़ी तगड़ा था और इस कारण मंत्रालय की छह-मंज़िला इमारत बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई. धमाके के कारण मंत्रालय के अगल-बगल स्थित इमारतों के शीशे भी टूट गए. धमाके के बाद मंत्रालय के बाहर अफरा-तफरी का माहौल था. | इससे जुड़ी ख़बरें तालेबान के साथ 'बातचीत' पर सहमति28 अक्तूबर, 2008 | भारत और पड़ोस तालिबान कमांडर समेत 20 मारे गए27 अक्तूबर, 2008 | भारत और पड़ोस अफ़ीम की पैदावार में कमी का अनुमान25 अक्तूबर, 2008 | भारत और पड़ोस काबुलः दो विदेशी नागरिकों की हत्या26 अक्तूबर, 2008 | भारत और पड़ोस काबुल में तीन विदेशी नागरिकों की हत्या25 अक्तूबर, 2008 | भारत और पड़ोस नैटो के हमले में अफ़ग़ान सैनिक मरे22 अक्तूबर, 2008 | भारत और पड़ोस 'अफ़ग़ानिस्तान में प्रयास अव्यवस्थित'21 अक्तूबर, 2008 | भारत और पड़ोस मृत्युदंड के बदले 20 साल की क़ैद21 अक्तूबर, 2008 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||