BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
शुक्रवार, 17 अक्तूबर, 2008 को 03:37 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
गर्माहट भरा हो सकता है संसद का सत्र
भारतीय संसद
संसद के विशेष सत्र पर पाँच राज्यों के विधानसभा चुनावों की छाया भी दिखाई देगी
भारतीय संसद का विशेष सत्र शुक्रवार से शुरू हो रहा है. माना जा रहा है कि इसबार संसद का सत्र गर्माहट भरा होगा.

यह सत्र ऐसे वक्त में हो रहा है जब वित्तीय संकट और कर्नाटक, उड़ीसा में हाल की सांप्रदायिक घटनाओं के मुद्दे पर सरकार को कड़ा विरोध का सामना करना पड़ रहा है.

सरकार को परमाणु क़रार भले ही अपनी एक बड़ी उपलब्धि लगे पर कल तक संसद में सत्तापक्ष के साथ बैठनेवाले वामदल इसी मुद्दे पर सरकार को घेरने की कोशिश करेंगे.

वहीं आंतकवाद के मुद्दे पर और देश के कई हिस्सों में पिछले महीनों में हुई चरमपंथी घटनाओं के मद्देनज़र प्रमुख विपक्षी दल भाजपा सहित एनडीए के अन्य घटक सरकार का कड़ा विरोध करेंगे.

ऐसे में संसद के मौजूदा सत्र में विरोध और तीखी प्रतिक्रियाओं का दौर देखने को मिलेगा.

कई विधेयक प्रस्तावित

संसद के इस विशेष सत्र में कई विधेयक भी प्रस्तावित हैं.

मसलन, जजेज़ इंन्क्वारी बिल, सांप्रदायिकता पर विशेष विधेयक, सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाने संबंधी विधेयक और प्राथमिक शिक्षा को देशभर के बच्चों के लिए अनिवार्य और निशुल्क बनाने संबंधी विधेयक लाए जाएंगे.

आर्थिक मंदी
आर्थिक मंदी और वित्तीय संकट सरकार के सामने बड़ी चुनौतियाँ हैं

पर जानकार मानते हैं कि जिस तरह की परिस्थितियों में संसद का मौजूदा सत्र शुरू हो रहा है, ऐसे में इन विधेयकों का पारित हो पाना ज़रा मुश्किल हो सकता है.

वजह यह है कि सत्र पर ज़्यादा असर सरकार को घेरने और विरोध-प्रतिक्रियाओं का रहने वाला है.

देश के पाँच राज्यों में आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनज़र सरकार को घेरने की कोशिश के विपक्षी दल पीछे नहीं हटेंगे.

विशेष होगा सत्र

वैसे यह यूपीए के कार्यकाल का पहला सत्र होगा जिसमें वामदल विपक्ष में नज़र आएंगे तो समाजवादी पार्टी यूपीए के साथ बैठी दिखेगी.

पिछले दिनों मध्यप्रदेश में हुई हिंसक घटनाओं और इसके अलावा उड़ीसा, कर्नाटक में ईसाई समुदाय के लोगों पर हुए हमलों का मुद्दा भी गर्माया रहेगा.

विपक्ष की ओर से केंद्र सरकार पर यह आरोप लगता रहा है कि अल्पसंख्यकों के प्रति हिंसा की घटनाओं में केंद्र राज्य सरकारों से कड़ाई से पेश नहीं आई और हिंसा की इन घटनाओं को समय रहते रुकवाने में अपनी भूमिका प्रभावी तरीके से नहीं अपना सकी.

वहीं महंगाई के मुद्दे और वित्तीय संकट को लेकर भी सरकार को जवाब देना पड़ सकता है. संसद में इन मुद्दों पर भी विपक्ष तीखे हमले करेगा, ऐसी कयास लगाई जा रही है.

इससे जुड़ी ख़बरें
भाजपा ने कहा, विशेष सत्र बुलाएँ
04 सितंबर, 2008 | भारत और पड़ोस
विश्वास मत के लिए विशेष सत्र
11 जुलाई, 2008 | भारत और पड़ोस
महंगाई पर सरकार को घेरने की तैयारी
16 अप्रैल, 2008 | भारत और पड़ोस
संसद में किसानों के मुद्दे पर हंगामा
26 फ़रवरी, 2008 | भारत और पड़ोस
शीतकालीन सत्र के गर्म रहने के आसार
14 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>