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'भारत, पाक के लिए अहम परियोजना' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के प्रधानमंत्री डाक्टर मनमोहन सिंह ने कहा है कि बगलिहार पनबिजली परियोजना के शुरू होने से भारत प्रशासित जम्मू-कश्मीर में विकास को बढ़ावा मिलेगा. साथ ही उन्होंने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच सिंधु जल संधि के अनुरूप तैयार इस परियोजना से दोनों ही देशों को लाभ मिलेगा. शुक्रवार को भारत प्रशासित जम्मू कश्मीर में बगलिहार पनबिजली परियोजना का उदघाटन करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इस परियोजना से राज्य को आर्थिक प्रगति और ऊर्जा की ज़रूरत को पूरा करने का एक अहम विकल्प मिलेगा. उन्होंने कहा कि यह एक अहम परियोजना है और इसकी पहली ही इकाई के शुरू होने से राज्य को 900 करोड़ का लाभ होगा और इससे विकास को गति मिलेगी. प्रधानमंत्री ने ज़ोर देकर कहा कि अभी भारत में कुल बिजली की पैदावार का 26 प्रतिशत पनबिजली से पैदा किया जाता है केंद्र सरकार की कोशिश है कि इसे 40 प्रतिशत तक बढ़ाया जाए. परियोजना के उदघाटन के मौके पर प्रधानमंत्री के साथ पहुँची यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी ने भी इस परियोजना की शुरुआत होने के लिए राज्य के लोगों को मुबारकबाद दी और कहा कि अब आपसी भाईचारे के साथ विकास के रास्ते पर आगे बढ़ने की ज़रूरत है. आत्मनिर्भर राज्य, बेहतर पड़ोस
प्रधानमंत्री ने इस परियोजना की शुरुआत को राज्य के विकास के लिए एक अहम पहल बताते हुए कहा कि यह पहली परियोजना है जो पूरी तरह से राज्य की अपनी परियोजना है. उन्होंने बताया कि जम्मू-कश्मीर के रीकंस्ट्रक्शन प्लान के लिए दी गई रक़म से इस परियोजना को खड़ा किया गया है. प्रधानमंत्री ने कहा, "भारत ने इस पनबिजली परियोजना को लगाने में पाकिस्तान और भारत के बीच संधियों का पालन किया है और मैं पाकिस्तान को दावत देता हूँ कि अब दोनों देश मिलकर काम करें." उनका कहना था कि भारत में पनबिजली की बड़ी संभावनाएं हैं, पूर्वोत्तर राज्यों और जम्मू-कश्मीर का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इन दोनों क्षेत्रों में ये संभावनाएं बहुत हैं. इस मौक़े पर उनके साथ कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और रेलवे के मंत्री लालू प्रसाद यादव भी थे. जल संसाधन मंत्री सैफ़ुद्दीन शोज़, राज्य के राज्यपाल एनएन वोहरा, पूर्व मुख्यमंत्री गुलाम नबी आज़ाद भी मौजूद थे. कश्मीर घाटी में विरोध प्रधानमंत्री की इस दो दिवसीय यात्रा के विरोध में बराबर प्रदर्शन हो रहे हैं. आज श्रीनगर के मौसूमा और नौहट्टा में प्रदर्शन हुए. प्रदर्शनकारियों ने पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों पर पत्थर फेंके जिसके जवाब में पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और गोलियां चलाईं. कम से कम तीन लोग घायल हुए हैं जिनमें से एक की बाद में मृत्यु हो गई. युवा समूहों ने पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी की जम्मू कश्मीर में सक्रिय चरमपंथियों को आतंकवादी कहने के विरोध में नारे लगाए और श्रीनगर की जामिया मस्जिद के बाहर उनके पुतले जलाए. |
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