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कश्मीर: उधर से आया प्रतिनिधिमंडल | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाक प्रशासित कश्मीर से व्यापार शुरु करने की तैयारी के लिए एक व्यापारियों का एक प्रतिनिधि मंडल गुरुवार को भारत प्रशासित कश्मीर पहुँचा है. नियंत्रण रेखा पार करने के बाद भारत प्रशासित कश्मीर में उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया. नियंत्रण रेखा के दोनों ओर से 21 अक्तूबर से व्यापार की शुरुआत होनी है. भारत और पाकिस्तान के बीच चल रही शांति प्रक्रिया के तहत विश्वास बहाली के लिए उठाए जा रहे क़दमों में यह एक और क़दम है. भावभीना स्वागत जिस तरह से उनका स्वागत किया गया उससे लगता था कि यह व्यापार प्रतिनिधि मंडल का नहीं बल्कि बिछुड़े हुए लोगों का मिलन अधिक था. नियंत्रण रेखा से 12 किलोमीटर दूर सलामपुर में बने टूरिस्ट रिसेप्शन सेंटर में हुए इस स्वागत के दौरान लोग नारे भी लगा रहे थे. प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों का फूलमालाओं के साथ भावभीना स्वागत किया गया. इस प्रतिनिधि मंडल के सदस्य ज़ुल्फ़िकार अब्बासी का कहना था कि नियंत्रण रेखा के दोनों ओर से होने वाला व्यापार सिर्फ़ प्रतीकात्मक नहीं होगा. उन्होंने कहा, "शुरुआत में व्यापार तो थोड़ा ही होगा लेकिन धीरे-धीरे इसमें बढ़ोत्तरी होगी." गत अगस्त में जब अमरनाथ मंदिर बोर्ड की ज़मीन को लेकर विवाद चल रहा था और कश्मीर से जम्मू तक का रास्ता बंद हो गया था तो भारत प्रशासित कश्मीर के लोगों ने नियंत्रण रेखा को व्यापार के लिए खोलने की माँग की थी. उस समय सैकड़ों लोगों ने इस माँग को लेकर नियंत्रण रेखा की ओर रैली भी निकाली थी और उन्हें रोकने के लिए पुलिस को गोली भी चलानी पड़ी थी. |
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