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उड़ीसा की बाढ़ में 16 लोगों की मौत | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारी बरसात के कारण उड़ीसा में आई बाढ़ ने कम से कम 16 लोगों की जान ले ली है. पिछले कुछ दिनों से वहाँ हो रही लगातार बारिश के कारण काफ़ी बड़ा इलाक़ा डूब गया है और लाखों लोग बेघर हो गए हैं. राज्य के प्रमुख सचिव अजित त्रिपाठी ने बताया है कि 30 में से 18 ज़िले बाढ़ से प्रभावित हैं. इस समय उड़ीसा में ढाई लाख से अधिक लोग राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं जबकि ग्यारह हज़ार मकान बाढ़ के पानी से तबाह हो गए हैं. कटक, केंद्रापड़ा, पुरी और जगतसिंहपुर ज़िले बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित हैं और वहाँ लाखों लोग ऊँचे स्थानों पर शरण लिए हुए हैं. महानदी के तटबंध में लगभग चालीस स्थानों पर दरारें आ गई हैं इसलिए आसपास के गाँवों में तेज़ी से पानी भर रहा है. बाढ़ का पानी कई हिस्सों में भर गया और बा़ढ़ के पानी की वजह से कई स्थानों पर मुख्य सड़कें ही पूरी तरह बह गई हैं. राजधानी भुवनेश्वर और तीर्थनगर पुरी के बीच का सड़क संपर्क कट गया है. मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि बंगाल की खाड़ी में एक कम दबाव वाला क्षेत्र बन रहा है जिसकी वजह से अगले कुछ दिनों में भारी वर्षा हो सकती है. राज्य सरकार ने इस आपदा से निबटने के लिए केंद्र सरकार से 1500 करोड़ रुपए की तत्काल सहायता माँगी है. | इससे जुड़ी ख़बरें चालीस पुलिसकर्मियों के मरने की आशंका29 जून, 2008 | भारत और पड़ोस उड़ीसाः कई पुलिसकर्मी लापता, राहत जारी30 जून, 2008 | भारत और पड़ोस बाढ़ पीड़ितों के लिए 9000 करोड़ की माँग13 सितंबर, 2008 | भारत और पड़ोस संदेश के ज़रिए सहायता की पहल18 सितंबर, 2008 | भारत और पड़ोस राहत सामग्री की लूट है, लूट सको तो लूट19 सितंबर, 2008 | भारत और पड़ोस उड़ीसा में चढ़ते तापमान से लोग बेहाल21 अप्रैल, 2008 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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