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यूरेनियम तस्करी: पाँच गिरफ़्तार | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पूर्वोत्तर राज्य मेघालय में पुलिस ने एक खदान से यूरेनियम तस्करी करने के आरोप में पाँच लोगों को गिरफ़्तार किया है. अभी यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि इन लोगों के पास से अपरिष्कृत यूरेनियम की कितनी मात्रा बरामद हुई है और ये लोग इसका क्या करना चाहते थे. पुलिस का कहना है कि वह अभी भी उस व्यक्ति की तलाश कर रही है जिसने इन लोगों को यूरेनियम पहुँचाया. यूरेनियम एक रेडियोएक्टिव पदार्थ है और परमाणु हथियार बनाने के लिए इसका उपयोग होता है. हालांकि हथियार बनाने के लिए इसे परिष्करण की जटिल प्रक्रिया से गुज़रना पड़ता है. खनिज यूरेनियम खनिज की तस्करी के आरोप में यह सबसे ताज़ा गिरफ़्तारी है. इससे पहले भी इस आरोप में लोगों को गिरफ़्तार किया गया है. अभी यह भी स्पष्ट नहीं हुआ है कि तस्करी करने वाले लोग किसी संगठित अंतरराष्ट्रीय गिरोह के सदस्य हैं या फिर पैसा कमाने के चक्कर में लगे स्थानीय लोग. पुलिस का कहना है कि वह परमाणु खनिज विभाग में काम करने वाले एक व्यक्ति के बेटे की तलाश कर रही है और उसे शक है कि उसी ने तस्करों को यूरेनियम पहुँचाई होगी. मेघालय में यूरेनियम के खदानों का पता 1990 के दशक के शुरुआत में लगा था लेकिन स्थानीय आदिवासियों के विरोध के चलते सरकार अभी तक इसका खनन शुरु नहीं कर सकी है. स्थानीय लोगों का कहना है कि यूरेनियम से निकलने वाली रेडियोएक्टिव विकिरणों से उनके स्वास्थ को ख़तरा है. ऐसे समय में जब भारत, अमरीका के साथ असैन्य परमाणु समझौता कर रहा है और पूरी दुनिया को आश्वासन दे रहा है कि वह परमाणु तकनीक और पदार्थों के अप्रसार के लिए प्रतिबद्ध है, यूरेनियम तस्करी की ख़बर उसे चिंता में डाल सकती है. |
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