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हिंसा प्रभावितों को सहायता की पेशकश | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
उड़ीसा की सांप्रदायिक हिंसा को गंभीरता से लेते हुए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने मारे गए लोगों के परिजनों और हिंसा में अपना सब कुछ गँवा चुके लोगों के लिए सहायता पैकेज की पेशकश की है. केरल से आए एक कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल को उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार में उड़ीसा के हिंसा में मारे गए लोगों के परिजनों को सहायता देने के लिए तैयार हैं. प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र हिंसा के कारण पूरी तरह तबाह हो चुके लोगों की भी मदद करेगा. इसके अलावा केंद्र सरकार नए सिरे से अपना घर बनाने के लिए प्रभावित लोगों की भी सहायता करेगी. मदद प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से भी प्रभावित लोगों को मदद मिलेगी. उन्होंने कहा कि उड़ीसा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने उन्हें भरोसा दिलाया है कि इस मामले में कड़ी कार्रवाई की जाएगी. पिछले दिनों उड़ीसा के कंधमाल ज़िले में विश्व हिंदू परिषद के एक नेता की हत्या के बाद कई इलाक़ों में सांप्रदायिक हिंसा भड़क गई थी. जिसमें बड़ी संख्या में लोग मारे गए थे. हमलों में ईसाई मिशनरियों और ठिकानों को निशाना बनाया गया था. प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि उन्होंने व्यक्तिगत रूप से उड़ीसा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक से बातचीत की है. प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने उनसे कहा है कि वे राज्य में सांप्रदायिक सदभाव बहाल रखें और दोषियों को कड़ी सज़ा दी जाए. | इससे जुड़ी ख़बरें उड़ीसा में फिर हिंसा, कोरापुट में कर्फ़्यू30 अगस्त, 2008 | भारत और पड़ोस हिंसा के विरोध में ईसाई स्कूल-कॉलेज बंद29 अगस्त, 2008 | भारत और पड़ोस उड़ीसाः ताज़ा हिंसा के बाद सैकड़ों बेघर28 अगस्त, 2008 | भारत और पड़ोस पोप ने उड़ीसा में हिंसा की भर्त्सना की27 अगस्त, 2008 | भारत और पड़ोस उड़ीसा में ईसाइयों के ख़िलाफ़ हमले26 अगस्त, 2008 | भारत और पड़ोस कंधमाल में हिंदू-ईसाई गुटों में झड़प26 अगस्त, 2008 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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