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'तुरंत क़दम उठाए जाने की ज़रुरत' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरनाथ मंदिर बोर्ड को ज़मीन देने के मामले में महीने भर से चल रहे आंदोलन के बीच दिल्ली में हुई सर्वदलीय बैठक में बातचीत की ज़रुरत पर बल दिया गया है. प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने यह बैठक बुलाई थी और इसमें सभी दलों ने वहाँ की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए एक सुर से कहा कि आंदोलन को ख़त्म करने के लिए समुचित माहौल बनाने की ज़रुरत है. सरकार ने अमरनाथ संघर्ष समिति की माँग को ख़ारिज करते हुए राज्यपाल एनएन वोहरा को हटाए जाने से इनकार कर दिया. सर्वदलीय बैठक में यह निर्णय भी लिया गया है कि राज्य में स्थिति का जायज़ा लेने के लिए एक सर्वदलीय प्रतिनिधि मंडल को राज्य का दौरा करना चाहिए. हालांकि अभी यह जानकारी नहीं दी गई है कि यह प्रतिनिधि मंडल कब दौरा करेगा. यही संघर्ष समिति जम्मू में चल रहे आँदोलन की अगुवाई कर रही है और इस आंदोलन के चलते पिछले दो हफ़्ते से पूरे राज्य में जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है और कई लोगों की जानें जा चुकी है. अपील एक ओर सभी दलों ने जम्मू कशमीर में सभी जगह शांति बहाल करने के लिए अपील संयुक्त अपील का फ़ैसला किया वहीं सरकार ने स्वीकार किया कि अमरनाथ के तीर्थ यात्रियों को सभी आवश्यक सुविधाएँ मुहैया करवाई जाएँगीं. बैठक के बाद विदेश मंत्री प्रणव मुखर्जी ने पत्रकारों को बताया, "सभी दलों के नेता इस बात पर सहमत थे कि आंदोलन को ख़त्म करने के लिए समुचित माहौल बनाने की ज़रुरत है और इस मसले को बातचीत से ही सुलझाया जाना चाहिए."
प्रधानमंत्री निवास पर हुई इस बैठक में लगभग सभी दलों के नेताओं ने हिस्सा लिया. जैसा कि प्रणव मुखर्जी ने बताया, बैठक में मौजूद सभी दलों के नेताओं ने कहा कि यह ज़रुरी है कि इस मामले को सांप्रदायिक होने से रोका जाए क्योंकि यदि ऐसा हुआ तो देश के धर्मनिरपेक्ष तानेबाने पर विपरीत असर पड़ेगा. उन्होंने बताया कि सरकार इस बात के लिए राज़ी है कि अमरनाथ तीर्थयात्रियों के लिए सभी आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध करवाई जाएँगीं. यह पूछे जाने पर कि संघर्ष समिति राज्यपाल को हटाने की माँग कर रही है, प्रणव मुखर्जी ने कहा, "राज्यपाल को वापस बुलाने का तो सवाल ही नहीं है." इस सवाल पर कि क्या बातचीत में संघर्ष समिति को भी शामिल किया जाएगा, गृहमंत्री शिवराज पाटिल ने कहा कि सभी पक्षों को बातचीत में शामिल होने का निमंत्रण दिया जाएगा और इसमें वो लोग भी शामिल हैं जो आंदोलन कर रहे हैं. उनका कहना था कि राज्य सरकार को यह तय करना है कि कौन लोग बातचीत का हिस्सा होंगे. यह पूछे जाने पर कि बातचीत कब शुरु होगी, उन्होंने कहा, "तुरंत." | इससे जुड़ी ख़बरें मंदिर बोर्ड को कुछ ज़मीन देने के संकेत06 अगस्त, 2008 | भारत और पड़ोस अमरनाथ बोर्ड के सदस्यों का इस्तीफ़ा06 अगस्त, 2008 | भारत और पड़ोस श्रीनगर में हिंसा, जम्मू में उग्र प्रदर्शन05 अगस्त, 2008 | भारत और पड़ोस दो प्रदर्शनकारियों की मौत से तनाव04 अगस्त, 2008 | भारत और पड़ोस जम्मू के बाद श्रीनगर में हिंसा04 अगस्त, 2008 | भारत और पड़ोस अमरनाथ आंदोलन: दो और जगह कर्फ़्यू03 अगस्त, 2008 | भारत और पड़ोस जम्मू में जारी है प्रदर्शन, कई घायल02 अगस्त, 2008 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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