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यूपीए आया सोमनाथ के समर्थन में | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
लोकसभा स्पीकर सोमनाथ चटर्जी को मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीएम) से निकाले जाने के बाद यूपीए के घटक दल उनके समर्थन में आगे आ गए हैं. गुरुवार की सुबह प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह सोमनाथ चटर्जी के घर पहुंचे और उनसे क़रीब दस मिनट की मुलाक़ात की. हालांकि प्रधानमंत्री ने मुलाक़ात के बाद पत्रकारों से बात नहीं की लेकिन माना जा रहा है कि उन्होंने संसद की कार्रवाई के लिए सोमनाथ को धन्यवाद दिया. बाद में यूपीए के एक वरिष्ठ मंत्री रामविलास पासवान ने कहा कि सोमनाथ चटर्जी को पूरे सदन का समर्थन मिलेगा. उनका कहना था, "चटर्जी को निकाले जाने से सदन में उनके स्थान पर कोई फ़र्क नहीं पड़ता. उन्हें हम सभी का समर्थन मिलता रहेगा." उल्लेखनीय है कि बुधवार को मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने सोमनाथ चटर्जी को पार्टी से निकाल दिया था क्योंकि उन्होंने यूपीए से पार्टी की समर्थन वापसी के बाद पार्टी के कहे अनुसार अपने पद से इस्तीफ़ा नहीं दिया था. सोमनाथ को पार्टी से निकाले जाने के बाद यूपीए के कई नेताओं ने उनसे मुलाक़ात की. राष्ट्रीय जनता दल नेता लालू प्रसाद यादव ने अपनी बिटिया के साथ जाकर उनसे मुलाक़ात की और कहा, "अब सीपीएम को एक और काम करना है कि वो ज्योति बसु को पार्टी से निकाल दे. सीपीएम का दिमाग ख़राब हो गया है". लालू का कहना था कि सोमनाथ जैसे दिग्गज नेता ने पार्टी को विचारधारा का पाठ पढ़ाया और पार्टी ने उन्हें निकाल दिया. लालू के अनुसार पार्टी महासचिव प्रकाश करात को कभी भी सोमनाथ जैसा कद नहीं मिल सकेगा. आरजेडी के साधु यादव और देवेंद्र यादव ने भी बुधवार स्पीकर से मुलाक़ात की थी. मुलाक़ातें समाजवादी पार्टी नेता मुलायम सिंह यादव और अमर सिंह ने भी सोमनाथ का समर्थन किया और उनसे मिलने गए. वित्त मंत्री पी चिदंबरम पहले मंत्री थे जो सोमनाथ को पार्टी से निकाले जाने के बाद उनसे मिलने गए. स्पीकर से मिलने के बाद जल संसाधन मंत्री सैफुद्दीन सोज़ का कहना था, "वाम दलों ने यूपीए से समर्थन वापस लेकर ग़लती की. अब वो स्पीकर को पार्टी से निकाल कर और बड़ी ग़लती कर रहे हैं. मैं चार महीने से सुन रहा हूं कि सोमनाथ इस्तीफ़ा देना चाहते थे".
गृह मंत्री शिवराज पाटिल ने भी स्पीकर से मुलाक़ात की और संसदीय कार्य मंत्री वयलार रवि ने स्पीकर से मिलने के बाद कहा, "माकपा ने जो क़दम उठाया है वो दुर्भाग्यपूर्ण है. उन्होंने सोमनाथ का अपमान किया है. लोकतंत्र में विश्वास रखने वाला हर व्यक्ति इसकी आलोचना करेगा". इसके अलावा कांग्रेस की सांसद प्रिया दत्त और उनके भाई संजय दत्त ने सोमनाथ चटर्जी के लिए फूल भेजे. सोमनाथ चटर्जी को बढ़ते समर्थन के बीच प्रकाश कारत ने उन्हें पार्टी से निकाले जाने के फ़ैसले का समर्थन किया. हैदराबाद में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, "हमारे पास सोमनाथ को निष्कासित करने के अलावा दूसरा कोई चारा नहीं था. हमें उनके ख़िलाफ़ अनुशासनात्मक कार्रवाई करनी ही पड़ी क्योंकि उन्होंने पार्टी के निर्देशों के बाद भी पद से इस्तीफ़ा नहीं दिया". हालांकि उन्होंने माना कि सोमनाथ को निष्कासित करना ‘दुर्भाग्यपूर्ण’ था यह काम उनके लिए ‘कोई खुशी की बात’ नहीं थी. | इससे जुड़ी ख़बरें राहुल, लालू भी बहस में शामिल हुए22 जुलाई, 2008 | भारत और पड़ोस 'प्रधानमंत्री को इस्तीफ़ा देना चाहिए'22 जुलाई, 2008 | भारत और पड़ोस किसने क्या कहा?22 जुलाई, 2008 | भारत और पड़ोस बाग़ी सांसदों के ख़िलाफ कार्रवाई 23 जुलाई, 2008 | भारत और पड़ोस वोट से ज़्यादा नोट की चर्चा23 जुलाई, 2008 | भारत और पड़ोस कांग्रेस सोमनाथ चटर्जी के पक्ष में आई24 जुलाई, 2008 | भारत और पड़ोस सोमनाथ चटर्जी पार्टी से निष्कासित23 जुलाई, 2008 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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