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राजौरी में मुठभेड़, दो की मौत | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत प्रशासित कश्मीर के जम्मू के राजौरी इलाक़े में चरमपंथियों के साथ मुठभेड़ में दो सुरक्षाकर्मियों की मौत हो गई और दो जवान घायल हो गए. राजौरी के थाना मंडी के जंगलों में रविवार देर रात सेना और चरमपंथियों के बीच शुरू हुई ये मुठभेड़ अब भी जारी है. इस मुठभेड़ में मारे जाने वालों में एक सेना का मेजर और एक पुलिस का जवान है. इसके अलावा सेना के दो जवान भी घायल हुए हैं. ये मुठभेड़ राजौरी ज़िला मुख्यालय से तक़रीबन 180 किलोमीटर दूर थाना मंडी के जंगलों में चल रही है. इन जंगलों में चरमपंथियों के छिपे होने की जानकारी मिलने के बाद भारतीय सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने मिलकर देर रात को ये अभियान शुरू किया. इस अभियान में सेना ने मोर्चा संभाला हुआ है और पुलिस पीछे से उसकी मदद कर रही है. देर रात सेना के यहाँ पहुँचते ही चरमपंथियों ने भारी गोली-बारी शुरू कर दी. इस मुठभेड़ में मारे गए भारतीय सेना के मेजर का नाम भानु प्रताप है और वो 48 राजस्थान रायफ़ल्स से थे जबकि मारा गया अन्य व्यक्ति जम्मू-कश्मीर पुलिस का जवान है. रविवार की रात 12 बजे के बाद शुरू हुई ये मुठभेड़ अब भी जारी है. गौरतलब है कि शनिवार को श्रीनगर से 14 किलोमीटर दूर नरबाल के पास श्रीनगर-बारामूला राजमार्ग पर सेना के एक क़ाफ़िले पर हुए चरमपंथी हमले में सेना के नौ भारतीय सैनिक मारे गए थे. चरमपंथियों ने ये हमला क़ाफ़िले में शामिल बस पर किया था. | इससे जुड़ी ख़बरें धमाके में नौ भारतीय सैनिक मारे गए19 जुलाई, 2008 | भारत और पड़ोस चरमपंथी हमले में पाँच जवान मारे गए05 जुलाई, 2008 | भारत और पड़ोस कुपवाड़ा में मुठभेड़, 11 चरमपंथी मारे गए02 जुलाई, 2008 | भारत और पड़ोस जम्मू में तनाव, कर्फ्यू लागू02 जुलाई, 2008 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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