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भारतीय विदेश सचिव काबुल दौरे पर | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय विदेश सचिव शिवशंकर मेनन अफ़ग़ानिस्तान की राजधानी काबुल के दौरे पर हैं. सोमवार को काबुल में भारतीय दूतावास पर हुए आत्मघाती हमले के बाद मेनन वहाँ भारतीय संपत्तियों और कर्मचारियों की सुरक्षा का जायज़ा लेंगे. अपनी इस दो दिन की यात्रा के दौरान मेनन अफ़ग़ानिस्तान सरकार के अधिकारियों से मुलाक़ात करेंगे. अफ़ग़ानिस्तान में चल रही भारतीय कंपनियों की परियोजनाओं और वहाँ काम कर रहे भारतीय कर्मचारियों की सुरक्षा के बारे में मेनन इन अधिकारियों से बातचीत करेंगे. शिवशंकर मेनन के साथ गृह मंत्रालय और विदेश मंत्रालय के कुछ वरिष्ठ अधिकारी भी काबुल जा रहे हैं. सुरक्षा का जायज़ा सात जुलाई को काबुल में भारतीय दूतावास हुए हमले के बाद भारत सरकार ने अफ़ग़ानिस्तान में भारतीय दूतावास, वाणिज्य दूतावास और वहाँ काम कर रहे अधिकारियों और कर्मचारियों की सुरक्षा और बढ़ाने का फ़ैसला किया है.
दूतावास पर हुए हमले के बाद विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम) नलिन सूरी के नेतृत्व में एक दल ने वहाँ का दौरा किया था. इस दल ने वहाँ सुरक्षा का जायज़ा लिया था जिसके बाद भारत सरकार ने तय किया था कि विदेश सचिव शिवशंकर मेनन को वहाँ भेजा जाए. ग़ौरतलब है कि सात जुलाई को काबुल शहर के बीचोबीच स्थित भारतीय दूतावास पर हुए हमले में दो अधिकारी समेत चार भारतीय नागरिक और 41 स्थानीय नागरिक भी मारे गए थे. भारत ने काबुल में दूतावास पर हुए आत्मघाती हमले के लिए पाकिस्तान की ख़ुफ़िया एजेंसी आईएसआई को सीधे-सीधे ज़िम्मेदार ठहराया है. भारतीय सुरक्षा सलाहाकार एमके नारायणन ने टीवी चैनलों को दिए इंटरव्यू में कहा था कि इसमें कोई शक ही नहीं है कि ये हमले पाकिस्तानी खुफ़िया एजेंसी आईएसआई ने करवाए हैं. |
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