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'चीन से सतर्क रहने की ज़रूरत' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय थल सेना प्रमुख जनरल दीपक कपूर ने कहा है कि चीन अंतरिक्ष में तेज़ी से सैन्य क्षमता बढ़ा रहा है और भारत को इससे सतर्क रहने की ज़रूरत है. उन्होंने कहा कि भारत को अपने उपग्रहों और अंतरिक्ष में अन्य परिसंपत्तियों की सुरक्षा के लिए क़दम बढ़ाने चाहिए. थल सेनाध्यक्ष ने इसके लिए तीनों सेनाओं के साझा अंतरिक्ष कमान की पैरवी की. चीन ने पिछले साल के शुरु में उपग्रह को मिसाइल से नष्ट कर अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया था. भारत अब तक अंतरिक्ष के सैन्य इस्तेमाल का विरोध करता रहा है. जनरल दीपक कपूर ने कहा कि अंतरिक्ष का सैन्य इस्तेमाल रोकने के लिए तमाम अंतरराष्ट्रीय समझौते हैं लेकिन हक़ीकत यह है कि इसके बावजूद अंतरिक्ष का सैन्य इस्तेमाल बढ़ रहा है. रक्षामंत्री एके एंटनी ने हाल ही में एकीकृत अंतरिक्ष प्रकोष्ठ के गठन की घोषणा की है. जनरल कपूर ने माना कि आदर्श स्थिति यही है कि अंतरिक्ष को सैन्य गतिविधियों से दूर रखा जाए लेकिन जब दूसरी ताकतें ऐसा कर रही हैं तो भारत पीछे नहीं रह सकता. उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष में ताकत बढ़ने से ज़मीनी जंग पर निर्णायक असर पड़ना तय है ख़ासकर जब निगरानी, ख़ुफ़िया जानकारी, दिशा-निर्देशन, संचार और सटीक निशाना लगाने के काम में उपग्रहों की अहम भूमिका है. | इससे जुड़ी ख़बरें अंतरिक्ष केंद्र पर शौच की समस्या31 मई, 2008 | विज्ञान अंतरिक्ष केंद्र के लिए डिस्कवरी रवाना01 जून, 2008 | विज्ञान अंतरिक्ष में चीन की एक और छलांग14 मई, 2007 | विज्ञान भारत अंतरिक्ष कमान स्थापित करेगा29 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस इसरो के यान का सफल परीक्षण22 जनवरी, 2007 | विज्ञान | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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