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मुंबई, बारिश और अमरीका... | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
मुंबई की बारिश पर पूरे भारत की नज़र तो रहती ही है लेकिन अब अमरीका की नज़र भी मुंबई की बारिश पर रहने लगी है और इस बात से बीएमसी यानी वृहन्नमुंबई नगरपालिका काफ़ी परेशान दिख रही है. हुआ यह है कि अमरीकी वाणिज्य दूतावास ने अपने नागरिकों को सलाह दी है कि वो मानसून के समय मुंबई न जाएँ. यहाँ तक तो ठीक है. लेकिन दूतावास की सलाह में यह भी लिखा हुआ है कि 'बीएमसी बाढ़ की स्थिति में सड़कों पर बने मैनहोल्स खोल देती है ताकि पानी नालों में चला जाए और ऐसी स्थिति में लोगों के इन गड्ढों में गिरने की संभावना रहती है.' इसमें यह भी कहा गया है कि 'बीएमसी इन मैनहोल्स के ढक्कन हटाने की जगहों पर चेतावनी नहीं देता' और साथ ही मुंबई में कई स्थानों पर पैदल चलने के लिए रास्ता ही नहीं है. ज़ाहिर है कि इससे बीएमसी की साख को और मुंबई की साख को भी धक्का पहुँचा है. बीएमसी ने प्रेस कान्फ्रेंस बुलाई और इसका खंडन किया. 'सलाह अमरीका पर भी संभव है' प्रेस कान्फ़्रेंस के दौरान बीएमसी के कमिश्नर जयराज फाटक तमतमाए दिखे और बीबीसी का माइक देखते ही आनन-फ़ानन में उठकर चल दिए. बाद में फ़ोन पर उन्होंने बड़े नाराज़गी भरे स्वर में कहा कि लोगों ने बयान देखे बिना सवाल किए लेकिन जब बयान पढ़कर सुनाया गया तो बोले कि इसका कोई महत्व नहीं है. उनका कहना था, मेरे संबंधी भी अमरीका जाएँगे तो मैं भी सलाह दे सकता हूँ कि अमरीका के विस्कॉंसिन में बाढ़ आई हुई है. प्रेस कान्फ्रेंस में बीएमसी ने अमरीका के विस्कोंसिन में आई बाढ़ से जुड़ी ख़बरें भी प्रसारित कीं. लेकिन जब जयराज फाटक के पूछा गया कि क्या दूसरों की ग़लतियाँ गिनाने से अपनी ग़लतियाँ कम हो जाती हैं, तो इसका जवाब उन्होंने नहीं दिया. लेकिन एक अन्य अधिकारी का कहना था कि बीएमसी जब भी मैनहोल्स खोलती है तो वहाँ चेतावनी लगाई जाती है. मुंबई के लोगों को शायद ये बात हज़म न हो क्योंकि ऐसी चेतावनियाँ कम ही देखी गई हैं. बीएमसी के अधिकारी कहते हैं कि अमरीका की यात्रा सलाह से मुंबई की छवि ख़राब हुई है लेकिन वो अपनी 'ग़लतियाँ' मानते कतई दिखाई नहीं पड़ते. | इससे जुड़ी ख़बरें बारिश के कारण स्थिति हुई बदतर17 अगस्त, 2007 | भारत और पड़ोस दक्षिण एशिया में बाढ़ से लाखों बेघर11 सितंबर, 2007 | भारत और पड़ोस पूर्वी भारत में बाढ़ से भारी तबाही01 अगस्त, 2007 | भारत और पड़ोस 'बाढ़ पीड़ितों में महामारी का खतरा'07 अगस्त, 2007 | भारत और पड़ोस अलकनंदा नदी में बनी झील टूटी, अलर्ट01 अगस्त, 2007 | भारत और पड़ोस आंध्र प्रदेश में बाढ़ का क़हर30 अक्तूबर, 2007 | भारत और पड़ोस असम में बाढ़ से तीस लाख विस्थापित12 सितंबर, 2007 | भारत और पड़ोस बाढ़ से प्रभावित इलाक़ों में राहत कार्य तेज़ हुआ04 अगस्त, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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