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वामदलों ने की यूपीए सरकार की खिंचाई | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
यूपीए सरकार को बाहर से समर्थन दे रहे वामपंथी दलों ने महंगाई से लेकर परमाणु समझौते तक विभिन्न मुद्दों पर सरकार की खिंचाई करते हुए चेतावनी दी है. शुक्रवार को हुई बैठक के बाद वामदलों ने योजना आयोग की सक्रियता पर भी आपत्ति जताई है और कहा है कि आयोग 'सुपर-कैबिनेट' की तरह काम कर रहा है. महंगाई रोकने में विफलता का ज़िक्र करते हुए वामपंथी दलों ने कहा कि सरकार को आर्थिक सुधारों की ऐसी लत लग गई है कि महंगाई की वजह से जनता की परेशानियों के बावजूद वह बाज़ार पर नियंत्रण नहीं लगाना चाहती. सीपीएम महासचिव प्रकाश करात और सीपीआई के महासचिव एबी बर्धन ने कहा, "यूपीए सरकार ने बढ़ती क़ीमतों पर लगाम लगाने के लिए सुझाए गए वामदलों के सुझावों को अनदेखा कर दिया है. हम महंगाई घटाने के लिए विरोध प्रदर्शन जारी रखेंगे." परमाणु समझौता वामदलों ने अमरीका के साथ परमाणु समझौते को लेकर सरकार को एक बार फिर चेतावनी दी है. उन्होंने आरोप लगाया है कि सरकार यूरेनियम की कमी का बहाना बनाकर 123 समझौते को क्रियान्वित करने का प्रयास कर रही है. सीपीएम के महासचिव प्रकाश करात ने पत्रकारों से कहा, "हमें यूरेनियम की कमी का सरकार का तर्क मंज़ूर नहीं है. जब सरकार यह दावा कर रही है कि भारत के पास 10 हज़ार मेगावॉट बिजली के लिए पर्याप्त यूरेनियम है और इस समय उत्पादन क्षमता चार हज़ार मेगावॉट है तो फिर यूरेनियम की कमी कैसे हो रही है." सीपीआई के महासचिव एबी बर्धन ने कहा, "सरकार यूरेनियम की कथित कमी को आधार बनाकर समझौते पर हस्ताक्षर करने का बहाना तलाश रही है." वामदलों के नेताओं ने कहा है कि अस्थाई रुप से हुई यूरेनियम की कमी को स्थाई कमी की तरह बताकर सरकार परमाणु समझौते को आगे बढ़ाना चाहती है. | इससे जुड़ी ख़बरें मनमोहन सरकार के चार साल21 मई, 2008 | भारत और पड़ोस यूपीए-वाम दलों की बैठक 28 को फिर06 मई, 2008 | भारत और पड़ोस 'परमाणु समझौता जल्दी हो तो अच्छा'06 मई, 2008 | भारत और पड़ोस महंगाई पर वामपंथी-यूएनपीए का प्रदर्शन19 अप्रैल, 2008 | भारत और पड़ोस 'आम सहमति के बाद होगा समझौता'26 मार्च, 2008 | भारत और पड़ोस 'समझौते पर वामदलों की सहमति ज़रूरी'08 मार्च, 2008 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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