|
दिल्ली पुलिस के कमिश्नर तलब | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत में महिला सशक्तिकरण मामलों की संसदीय समिति ने एक नाबालिग लड़की के साथ हुए दुष्कर्म के मामले में दिल्ली पुलिस के कमिश्नर को सम्मन भेजकर तलब किया है. समिति ने दिल्ली के पुलिस कमिश्नर वाईएस डडवाल से राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में हाल के महीनों में महिलाओं के ख़िलाफ़ हुए अपराध और उनमें हुई पुलिस कार्रवाई का विवरण भी मांगा है. समिति की अध्यक्ष कांग्रेस सांसद कृष्णा तीरथ हैं. समाचार एजेंसी पीटीआई से बातचीत में उन्होंने कहा, "यह सचमुच चिंता का विषय हैं. यहां महिलाओं के ख़िलाफ़ रोज अपराध होते हैं." कार्रवाई रिपोर्ट भी मांगी उन्होंने कहा, "हमने दिल्ली के पुलिस कमिश्नर को सम्मन भेजकर उनसे पूछा है कि क्या उनके पास इस तरह की घटनाओं से निपटने के लिए कोई तंत्र है?" उन्होंने बताया कि पुलिस कमिश्नर को दिल्ली में हाल के महीनों में महिलाओं के ख़िलाफ़ हुए अपराध और इन मामलों में पुलिस कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट के साथ एक सप्ताह के अंदर बुलाया गया है. ऐसा आरोप है कि गुरुवार की रात चलती कार में एक नाबालिग लड़की के साथ दिल्ली ट्रैफ़िक पुलिस के सिपाही ने दुष्कर्म किया था. कृष्णा तीरथ ने बताया कि पुलिस कमिश्नर ने महिला सशक्तिकरण मामलों की संसदीय समिति को सूचित किया है कि अभियुक्त सिपाही को गिरफ़्तार कर बर्ख़ास्त कर दिया गया है. समिति ने दिल्ली पुलिस को कहा है कि वह थाना प्रभारियों को बताए कि इस तरह के मामलों से कैसे निपटना है. समिति ने पुलिस को महिला पुलिस चौकियाँ खोलने को भी कहा है. उधर, दिल्ली पुलिस के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी राजन भगत ने बीबीसी को बताया कि लड़की की मेडिकल जांच में बलात्कार की पुष्टि हुई है. उन्होंने बताया कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए विश्वविद्यालय इलाके में महिला पुलिस कर्मियों की संख्या बढ़ाई गई है. पुलिस नियंत्रण कक्ष यानी पीसीआर में महिला पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया है जिससे पीड़ित मिहलाएं उनसे अपनी बात आसानी से कह सकें. पुलिस की सतर्कता राजन भगत ने बताया कि दिल्ली पुलिस महिलाओं को जागरूक बनाने के लिए "परिवर्तन" नाम की एक योजना चला रही है. इस योजना के तहत दुष्कर्म वाले इलाकों में महिला कांस्टेबल घरों में जाकर महिलाओं को बताती हैं कि उन्हें बच्चों का कैसे ख़याल रखना है. उन्हें बताया जाता है कि आत्मरक्षा की ट्रेनिंग कहां से और कैसे लें. ये महिला कांस्टेबल महिलाओं को बताती है कि घर से बाहर जाते समय इस तरह के वारदातों से बचने के लिए किन-किन बातों का ख़याल रखना चाहिए. नेशनल क्राइम रिकार्ड ब्यूरो के आंकड़े बताते हैं कि महिलाओं के ख़िलाफ़ अपराध की प्रति घंटे 18 घटनाएं होती हैं जिनमें से दो मामले दुष्कर्म के होते हैं. 2007 में दुष्कर्म के 581 मामले दर्ज किए गए थे. | इससे जुड़ी ख़बरें मुंबई की सड़कों के नए हमसफ़र23 जनवरी, 2008 | भारत और पड़ोस मानसिकता बदले तो बात बने...06 मार्च, 2008 | भारत और पड़ोस महिला राष्ट्रपति वाले देश में महिलाएँ असुरक्षित06 मार्च, 2008 | भारत और पड़ोस 'देवी' के निर्देश पर 'डायन' की हत्या27 मार्च, 2008 | भारत और पड़ोस महिलाओं के ख़िलाफ़ हिंसा बढ़ी16 अप्रैल, 2008 | भारत और पड़ोस महिला बटालियन को लेकर उत्साह23 अप्रैल, 2008 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||