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महँगाई के मुद्दे पर संसद में हंगामा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत में विपक्ष ने संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) सरकार पर बढ़ती महँगाई को क़ाबू करने में विफल रहने का आरोप लगाया है. विपक्ष दलों के राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने इस मुद्दे पर संसद के बाहर और भीतर सरकार को घेरने की कोशिश की और ज़बर्दस्त शोर शराबे के बीच दोनों सदनों की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी. एनडीए के सांसदों ने गुरुवार सुबह कार्यवाही शुरु होने से पहले महँगाई के विरोध में संसद भवन के बाहर मानव श्रृंखला बनाई. इसके बाद लोकसभा में जैसे ही प्रश्नकाल शुरु हुआ एनडीए के सांसद सरकार विरोधी नारे लगाते हुए सदन में दाखिल हुए. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी और जनता दल (यूनाइटेड) के जॉर्ज फ़र्नांडिस का कहना था कि जो सरकार महँगाई पर क़ाबू नहीं पा सकती, उसे सत्ता में बने रहने का कोई हक़ नहीं है. लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी ने सदस्यों से शांत रहने को कहा लेकिन विपक्षी सदस्य उनके आसन के पास पहुँच कर नारे लगाने लगे. इसके बाद उन्होंने सदन की कार्यवाही दो घंटे के लिए स्थगित करने की घोषणा कर दी. यही नज़ारा राज्य सभा में देखने को मिला जहाँ प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की मौजूदगी में एनडीए सदस्यों ने शोर शराबा शुरु कर दिया. भारत में महँगाई की दर अभी सात फ़ीसदी से ज़्यादा है और केंद्र सरकार का कहना है कि वो इसे क़ाबू करने के लिए पर्याप्त उपाय कर रही है. | इससे जुड़ी ख़बरें महँगाई सातवें आसमान पर 11 अप्रैल, 2008 | कारोबार 'महँगाई नहीं थमी तो और क़दम उठाएंगे'07 अप्रैल, 2008 | कारोबार महंगाई पर वामदल घेरेंगे सरकार को05 अप्रैल, 2008 | भारत और पड़ोस तीन साल में महंगाई सबसे ज़्यादा04 अप्रैल, 2008 | कारोबार महँगाई रोकने के उपायों की घोषणा31 मार्च, 2008 | कारोबार 'विकास दर प्रभावित होने की आशंका'28 फ़रवरी, 2008 | कारोबार 'नौ फ़ीसदी विकास दर हासिल करेंगे'15 फ़रवरी, 2008 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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