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'महँगाई नहीं थमी तो और क़दम उठाएंगे' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने बढ़ती महँगाई पर चिंता जताते हुए कहा है कि इस पर काबू पाने के लिए कुछ और सख़्त क़दम उठाए जा सकते हैं. मंत्रिपरिषद में फेरबदल के बाद प्रधानमंत्री ने कहा कि अगले कुछ हफ़्तों में मँहगाई रोकने के लिए उठाए गए क़दमों का असर दिखना चाहिए। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी का कहना था कि महँगाई पर काबू के लिए सरकार कोई भी क़दम उठाने से नहीं हिचकेगी. प्रधानमंत्री ने बढ़ती महँगाई के लिए दुनिया भर की आर्थिक परिस्थितियों को ज़िम्मेदार ठहराया. उनका कहना था, "दुनिया भर में खाद्य पदार्थो और तेलों के दाम बढ़ रहे हैं. तेल की क़ीमत सर्वोच्च स्तर पर है. इसके बावजूद हमने सार्वजनिक वितरण प्रणाली में खाद्य वस्तुओं और केरोसिन तेल के दाम नहीं बढ़ाए और खाद्य तेलों का आयात कर दाम पर काबू करने की कोशिश की है." इस बीच वाणिज्य और उद्योग संगठन एसोचैम के अध्यक्ष वीएन धूत ने कहा है कि महंगाई की दर अगले माह बढ़कर साढ़े सात प्रतिशत तक पहुंच सकती है. ग़ौरतलब है कि 22 मार्च को महंगाई की दर सात फ़ीसदी पर पहुँच गई थी जो पिछले तीन वर्षों में सबसे ज़्यादा है. धूत ने सरकार से अनुरोध किया कि महंगाई को काबू करने के लिए कृषि उत्पादों के वायदा कारोबार पर रोक लगा देनी चाहिए. | इससे जुड़ी ख़बरें 'नौ फ़ीसदी विकास दर हासिल करेंगे'15 फ़रवरी, 2008 | भारत और पड़ोस 'महँगाई हो सकती है हार की वजह'06 मार्च, 2007 | भारत और पड़ोस बजट सत्र पर महँगाई, चुनाव की छाया 22 फ़रवरी, 2007 | भारत और पड़ोस बैंक दर में कटौती | भारत और पड़ोस भारत में ब्याज दर घटी29 अक्तूबर, 2002 | पहला पन्ना सस्ते कंप्यूटर, महंगी रसोई गैस27 फ़रवरी, 2002 | पहला पन्ना भारत में मंहगाई क़ाबू में21 जनवरी, 2002 | पहला पन्ना भारत में आर्थिक मन्दी जारी18 दिसंबरजनवरी, 2001 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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