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अज़हर-जोहेब की घर वापसी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
माता-पिता से नाराज़ होकर भारतीय सीमा में घुस आए अज़हर और जोहेब घर लौट गए है. सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ़) ने दोनों बच्चों को गुरुवार रात पाकिस्तानी अधिकारियों को सौंप दिया था. ये दोनों बच्चे पाकिस्तान के सूबा सिंध के तांडो अल्लियर क़स्बे के रहने वाले हैं. इन बच्चों ने बताया था कि घर में डाँट पड़ने के बाद नाराज़ होकर वे राजस्थान की सीमा में घुस आए थे. गाँव वालों ने दोनों को पुलिस के हवाले कर दिया था. बाड़मेर पुलिस ने पूछताछ के बाद उन्हें सीमा सुरक्षा बल (बीएसफ़) के हवाले कर दिया. पाक को दी सूचना इन बच्चों को लेने के लिए पाकिस्तान के सीमा रक्षकों को सूचित किया गया था. बीएसएफ़ के जवान अज़हर और जोहेब को लेकर मुनाबाओ गए जहाँ पाकिस्तानी रेंजरों से उनकी मुलाक़ात हुई. पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने दोनों बच्चों को उनके माता-पिता के हवाले कर दिया. इन बच्चों का कहना था पिता की पिटाई से तंग आकर वे सीमा पर लगी बाड़ को पार कर भारत के बाड़मेर ज़िले मे दाख़िल हुए थे. यहाँ गावं वालों ने इन बच्चों को रेगिस्तान में भटकते देखा तो उन्हें सीमा रक्षकों के हवाले कर दिया था. अज़हर की उम्र 17 साल है तो जोहेब महज दस साल का है. इससे पहले राजस्थान के श्रीगंगानगर ज़िले में एक पाकिस्तानी बच्चा मुनीर भटकते हुए इधर आ गया था. उसे भी मनवाधिकार संगठनों ने वापस पाकिस्तान भेजने मे मदद की थी. इन दोनों बच्चों को जब घर की याद आई तो उन्होंने भी माँ-बाप से उन्हें माफ़ करने की गुहार की थी. | इससे जुड़ी ख़बरें बचपन नहीं जानता सरहदें, न सरहदें...13 अप्रैल, 2008 | भारत और पड़ोस बाल सुधार गृह को सुधारने का एक प्रयास28 दिसंबर, 2007 | भारत और पड़ोस 'आज भी भारत में लाखों बाल मज़दूर हैं'10 अक्तूबर, 2007 | भारत और पड़ोस पाकिस्तान में सबकी अपनी-अपनी आज़ादी 25 अप्रैल, 2007 | भारत और पड़ोस सदी की एक महाआशा...08 सितंबर, 2007 | भारत और पड़ोस महिलाओं के ख़िलाफ़ हिंसा बढ़ी16 अप्रैल, 2008 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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