BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
गुरुवार, 20 मार्च, 2008 को 10:01 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
शिवानी हत्याकांड में मृत्युदंड की मांग
शिवानी भटनागर
शिवानी की 1999 में हत्या हो गई थी
दिल्ली की एक अदालत पत्रकार शिवानी भटनागर हत्याकांड में 24 मार्च को सज़ा सुनाएगी.

सरकारी वकील ने इस मामले के प्रमुख अभियुक्तों आरके शर्मा और प्रदीप शर्मा को मौत की सज़ा देने की मांग की है.

मंगलवार को अदालत ने पूर्व पुलिस अधिकारी आरके शर्मा और तीन अन्य लोगों को इस मामले में दोषी ठहराया था.

अदालत के सामने अपनी दलील पेश करते हुए विशेष सरकारी वकील एसके सक्सेना ने कहा, "इस मामले में दोषी पाए गए लोगों की दो श्रेणियाँ हैं. इस हत्याकांड में आरके शर्मा और प्रदीप शर्मा ने अन्य दो दोषियों से ज़्यादा सक्रिय भूमिका निभाई है."

उन्होंने कहा कि इस कारण आरके शर्मा और प्रदीप शर्मा को मौत की सज़ा दी जानी चाहिए. सरकारी वकील ने कहा कि दो अन्य अभियुक्तों सत्य प्रकाश और श्री भगवान को भी क़ानून की समान धारा के तहत दोषी ठहराया गया है लेकिन इन दोनों की भूमिका कम थी.

इस मामले के दो अन्य अभियुक्तों वेद प्रकाश शर्मा और वेद को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया था.

सरकारी वकील की दलील सुनने के बाद अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश राजेंद्र कुमार शास्त्री ने इस मामले में अपना फ़ैसला सुरक्षित रखा और कहा कि अब 24 मार्च को सज़ा सुनाई जाएगी.

हत्या

इंडियन एक्सप्रेस में काम करने वाली पत्रकार शिवानी भटनागर की 23 जनवरी 1999 को उनके पूर्वी दिल्ली स्थित अपार्टमेंट में हत्या कर दी गई थी.

क़रीब नौ साल बाद अदालत ने 18 मार्च को अपना फ़ैसला सुनाया था. अपने 100 पन्ने के फ़ैसले में जज राजेंद्र कुमार शास्त्री ने कहा कि भारतीय पुलिस सेवा के पूर्व अधिकारी आरके शर्मा ने अन्य अभियुक्तों के साथ शिवानी भटनागर को मारने की साज़िश की थी.

नौ साल चले इस मुक़दमे के दौरान 209 में से 51 गवाह मुकर गए थे. इसके बावजूद सरकारी पक्ष ने शिवानी भटनागर हत्याकांड की कड़ियाँ जोड़ने में सफलता पाई.

अभियोजन पक्ष ने दावा किया था कि शिवानी भटनागर पहली बार आरके शर्मा से तब मिली थीं जब शर्मा प्रधानमंत्री इंद्रकुमार गुजराल के कार्यालय में विशेषाधिकारी थे.

अदालत में सुनवाई के दौरान सामने आई जानकारी के अनुसार बाद में शिवानी भटनागर और रविकांत शर्मा के बीच प्रेम संबंध बन गए और उसी दौरान शर्मा ने शिवानी को कुछ गोपनीय दस्तावेज़ दिखाए जिनमें सेंट किट्स मामले से संबंधित भी कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज़ थे.

मामला

अभियोजन पक्ष के मुताबिक़ आरके शर्मा ने शिवानी भटनागर से विवाह करने से इनकार कर दिया तो शिवानी भटनागर ने कथित तौर पर रविकांत शर्मा का भंडाफोड़ करने की धमकी दी. अदालत को बताया गया कि उसके बाद शर्मा ने शिवानी की हत्या करने का फ़ैसला कर लिया.

शिवानी भटनागर अपने मकान में अपने छोटे से बेटे के साथ रहती थी जब उसकी हत्या की गई. आरोप थे कि हत्यारों ने बिजली के एक तार से शिवानी भटनागर का गला घोंट दिया और किचन में इस्तेमाल होने वाले चाकू से उस पर कम से कम दस वार किए.

लगभग तीन साल तक शिवानी भटनागर के हत्याकांड मामले की जाँच में कोई प्रगति नहीं हुई थी लेकिन मुक़दमे के दौरान एक स्तर पर शक के तार शर्मा की तरफ़ मुड़े और शिवानी भटनागर को रास्ते से हटाने की साज़िश का भंडाफोड़ हुआ.

शर्मा ने कई महीनों तक फरार रहने के बाद आख़िरकार अगस्त 2002 में अंबाला की एक अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया. गिरफ़्तारी के समय वे पुलिस महानिरीक्षक (कारावास) थे.

पुलिस ने बाद में श्रीभगवान को भी गिरफ़्तार कर लिया था. पुलिस ने दावा किया था कि रविकांत शर्मा ने सहअभियुक्त सत्यप्रकाश, श्रीभगवान, वेद प्रकाश शर्मा और वेद उर्फ़ कालू से दिसंबर 1998 में दिल्ली के अशोक होटल में मुलाक़ात की थी.

अभियुक्तों के वकील ने कहा है कि वे इस फ़ैसले के ख़िलाफ़ हाई कोर्ट में अपील करेंगे.

इससे जुड़ी ख़बरें
आज हो सकती है मट्टू मामले में सज़ा
30 अक्तूबर, 2006 | भारत और पड़ोस
संतोष सिंह की मौत की सज़ा पर रोक
19 फ़रवरी, 2007 | भारत और पड़ोस
जेसिका मामले में हाईकोर्ट का फ़ैसला
18 दिसंबर, 2006 | भारत और पड़ोस
'जेसिका मामला दूसरी अदालत में चले'
03 नवंबर, 2006 | भारत और पड़ोस
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>